रामदेव की तैयारियाँ ज़ोरों पर, कांग्रेस में कशमकश

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दिल्ली में गर्मी के मारे पारा दिनों दिन चढ़ रहा है और लोग परेशान हैं, लेकिन केंद्र सरकार किसी और ही तपिश से परेशानी में हैं.

ये तपिश है बाबा रामदेव के अनशन से पैदा होने वाली सरगर्मी की.

चार जून से बाबा ने आमरण अनशन की घोषणा कर रखी है. सरकार ने बुधवार को दिल्ली हवाईअड्डे पर रेडकार्पेट जैसा स्वागत देकर उन्हें मनाने की कोशिश की थी. लेकिन बाबा काले धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आमरण अनशन करने पर अड़े हुए हैं.

हालांकि उनकी बातों में आंदोलनकारी स्वर के साथ-साथ ये स्वर भी आया कि आख़िरकार क़ानून बनाने का अधिकार सरकार का ही होना चाहिए.

उन्होंने कहा है, “काला धन, भ्रष्टाचार, व्यवस्था परिवर्तन ...हमारी सारी माँगे व्यावहारिक हैं. राष्ट्रहित की इन बातों पर हम जनमत तैयार सकते हैं जो हमने किया है. आगे इस पर का़नून बनाने का अधिकार सरकार का है क्योंकि लोकतांत्रिक प्रकिया में ये अधिकार सरकार को ही दिया हुआ है. हमें विश्वास है कि आने वाला दिन उजाला लेकर आएगा. जब-जब दुनिया में अन्याय बढ़ा है, तब तब सत्य की स्थापना हुई है.”

अन्ना हज़ारे भी बाबा के समर्थन में आ गए हैं. वे पाँच जून को दिल्ली आकर बाबा के साथ मंच पर बैठेगें. अन्ना का कहना है कि इस बार सरकार के कोरे आश्वसानों से काम नहीं चलेगा.

अनशन की तैयारियाँ

बाबा का अनशन चार जून से शुरू होगा.

इसके लिए दिल्ली के रामलीला मैदान पर तैयारियाँ ज़ोरों शोरों से चल रही हैं. कहीं कारीगर ज़मीन पर क़ालीन बिछाने में लगे है, कोई पंखे टाँगने में तो कोई पंडाल के लिए अतिरिक्त कपड़े की सिलाई वहाँ बैठकर कर रहा है.

रामलीला मैदान पर तैयारियों में जुटे आचार्य वीरेंद्र विक्रम बताते हैं, "विशाल मैदान पर पंडाल लग रहे हैं. गर्मी को देखते हुए पंखों, पीने के पानी और नीचे बैठने के लिए टाट का इंतज़ाम किया गया है. काम में जुटे कार्यकर्ताओं के लिए अलग रसोईघर है. शौचालयों का भी इंतज़ाम है."

अनशन में लाखों लोगों के आने की संभावना है. मैदान पर अभी से लोगों का जमघट लगना शुरु हो चुका है.

कैप्टन वीसी खोसला ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाबा का समर्थन करने भारत आए हैं.

वे कहते हैं, "हम चाहते हैं कि भारत रहने के लिए एक अच्छी जगह बने. हम विकासशील देश हैं, और हमें भ्रष्टाचार की भारी क़ीमत चुकानी पड़ रही है. इसलिए मैं बाबा के साथ हूँ."

किसी अनहोनी घटना से बचने के लिए मैदान पर अभी से पुलिस बल तैनात है.

कांग्रेस की रणनीति या कशमकश

उधर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा बाबा रामदेव को वीआईपी ट्रीटमेंट देने की बात शायद कांग्रेस के कई नेताओं के गले नहीं उतरी है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तो ये तक कह डाला कि बाबा सन्यासी कम और व्यवसायी ज़्यादा हो गए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस बाबा से डरती नहीं है.

दिग्विजय सिंह का कहना है, "कांग्रेस अगर उनसे घबराती होती तो उन्हें पहले ही जेल में बंद कर दिया होता. लेकिन हम उनसे बात कर रहें हैं. बाबा से मेरी एक ही प्रार्थना है कि हमारे सनातन धर्म में सन्यासी वो होता है जो व्यवसाय न करे. ये व्यवसायी ज़्यादा हो गए हैं."

बाबा रामदेव का अनशन शुरु होने में अभी समय बाक़ी है. इस बीच सरकार बाबा को मनाने की जुगत में लगी है.

पहले से ही मुश्किलों में घिरी यूपीए सरकार फ़िलहाल बिल्कुल नहीं चाहेगी कि राजधानी दिल्ली में अन्ना हज़ार के बाद बाबा एक और जन आंदोलन खड़ा करें.

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