तमिलनाडु में केबल टीवी पर राजनीति गरमाई

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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने राज्य में केबल टीवी के राष्ट्रीयकरण की घोषणा की है.

राज्य विधान सभा में की गई इस घोषणा में सरकार ने कहा है कि राज्य में केबल टीवी सुविधाएं अब सिर्फ़ अरासू कॉरपोरेशन के ज़रिए मुहैया कराई जाएँगी.

गौ़रतलब है कि तमिलनाडू की मौजूदा मुख्यमंत्री जयललिता ने चुनाव प्रचार के दौरान राज्य में केबल टीवी उद्योग को निजी कंपनियों के कथित चंगुल से बाहर निकालने की बात कही थी.

जानकारों के मुताबिक़ जयललिता इस क़दम से कथित तौर पर मारन परिवार के केबल टीवी व्यापार को निशाना बनाना चाहती हैं.

हालांकि अरासू केबल टीवी कॉरपोरेशन का गठन तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करूणानिधि ने तब किया था जब मारन परिवार और उनके परिवार में मतभेद हो गए थे.

अरासू केबल टीवी के पुनर्स्थापन की घोषणा करते हुए तमिलनाडु राज्यपाल एसएस बरनाला ने कहा, "जनता के बीच अरासू टीवी को पुनर्गठित करने की मांग रही है. मौजूदा सरकार इसे फिर से नया जीवन देगी और राज्य में केबल टीवी का राष्ट्रीयकरण होगा."

केबल टीवी राजनीति

जयललिता सरकार की इस नई घोषणा के बाद तमिलनाडु राज्य में मारन बंधुओं के केबल टीवी व्यापार को बड़ा झटका लग सकता है.

करूणानिधि के भांजे कलानिधि मारन सुमांगली केबल विसन के मालिक हैं.

जानकारों के मुताबिक़ तामिलनाडु राज्य के केबल टीवी बाज़ार में एक तरह से मारन बंधुओं का एकछत्र राज है.

हालांकि बीच में हुए मतभेद के बाद जब से करूणानिधि और मारन परिवार के बीच सुलह हुई है तब से अरासू केबल टीवी का भविष्य अधर में ही लटका रहा है.

मारन बंधुओं के सन टीवी ने तकनीकि कारणों के चलते अरासू टीवी को अपने चैनल भी प्रसारित करने के लिए नहीं दिए थे.

गौ़रतलब है कि दक्षिण भारत में लगभग सभी लोकप्रिय चैनल सन टीवी के हैं जिनमे मलयाली, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ चैनल शामिल हैं.

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