केंद्र ने हज़ारे को आड़े हाथों लिया

कपिल सिब्बल
Image caption कपिल सिब्बल ने हज़ारे की भाषा को निंदनीय कहा

केंद्र सरकार ने कहा है कि लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने का काम जारी रहेगा, भले ही अन्ना हज़ारे की टीम बैठक में शामिल हो या नहीं.

केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने एक संवाददाता सम्मेलन में इस पर कड़ा ऐतराज़ जताया कि अन्ना हज़ारे की टीम ने सरकार को झूठा और धोखेबाज़ कहा है.

उन्होंने कहा कि सरकार 30 जून तक लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने को लेकर प्रतिबद्ध है और इसे संसद के मानसून सत्र में पेश भी कर दिया जाएगा.

लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए बनी संयुक्त समिति में अन्ना हज़ारे नागरिक समाज की अगुआई कर रहे हैं. लेकिन सोमवार को होने वाली बैठक में अन्ना हज़ारे की टीम ने हिस्सा नहीं लिया.

अन्ना हज़ारे ने वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी को एक पत्र भी लिखा था और उसका जवाब मांगा था. प्रणब मुखर्जी इस मसौदा समिति के अध्यक्ष हैं.

'निंदनीय भाषा'

इस संवाददाता सम्मेलन में कपिल सिब्बल ने कहा, "सरकार धोखा दे रही है और सरकार झूठ बोल रही है- हम इसे कड़े शब्दों में ख़ारिज करते हैं. ऐसे शब्द सार्वजनिक रूप से नहीं कहना चाहिए. क्या हम धोखेबाज़ हैं? अन्ना की भाषा निंदनीय है."

उन्होंने कहा कि सोमवार को हुई बैठक में मसौदे में कई बिंदुओं को तय कर लिया गया है. कपिल सिब्बल ने लोकपाल विधेयक को लेकर अन्ना हज़ारे की टीम की गंभीरता पर भी सवाल उठाए.

उन्होंने कहा कि अब समिति की बैठक टेलीविज़न पर दिखाई जाए या नहीं, इसके क्या फ़र्क पड़ता है. दरअसल अन्ना हज़ारे ने बैठक का टीवी पर लाइव प्रसारण किए जाने की मांग की थी.

कपिल सिब्बल ने अन्ना हज़ारे की ओर से पूछे गए सवालों पर ऐतराज़ जताते हुए कहा, "मसौदा क्या सवालों का जवाब देने से तैयार होता है, ये चर्चा से होता है. फिर सहमति बनती है. कुछ मुद्दों पर असहमति हो सकती है, लेकिन बातचीत से ही इसका हल निकलता है."

उन्होंने कहा कि अन्ना हज़ारे की टीम के इस क़दम से लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में देरी होगी.

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