तेलंगाना का अपना अख़बार

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Image caption तेलुगू दैनिक 'नमस्ते तेलंगाना' का लोकार्पण

नए तेलुगू दैनिक समाचार पत्र ‘नमस्ते तेलंगाना’ के प्रकाशन से अलग तेलंगाना राज्य के लिए चल रहे आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है.

यूँ तो आंध्र प्रदेश में इस समय कोई आठ बड़े तेलुगू समाचार पत्र हैं, लेकिन सभी आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों से संबंध रखने वाले व्यक्तियों की मिल्कियत हैं.

अलग तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन करने वालों की सबसे बड़ी शिकायत यही थी कि ये अख़बार उनके साथ नाइंसाफ़ी करते हैं और उनकी ख़बरें तोड़-मरोड़ कर देते हैं.

तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव लंबे समय से इस क्षेत्र के मीडिया को विकसित करने की कोशिश कर रहे थे और 'नमस्ते तेलंगाना' उसी कोशिश का हिस्सा है.

पहले ही दिन इस अख़बार की कोई साढ़े सात लाख प्रतियाँ छपीं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

इस समाचार पत्र को एक ऐसे छात्र श्रीकांत चारी की माँ ने जारी किया, जिसने तेलंगाना राज्य की मांग के समर्थन में आत्म हत्या कर ली थी.

इस अवसर पर के चंद्रशेखर राव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह समाचार पत्र तेलंगाना में पहले नंबर पर रहेगा क्योंकि यह तेलंगाना की जनता के दिल की धड़कन और उनकी अपनी आवाज़ है.

ज़रूरत

उन्होंने कहा, "अब तक बड़े तेलुगु समाचार पत्रों और टीवी चेनलों ने हमेशा तेलंगाना राज्य के आंदोलन को बदनाम करने और उसकी आवाज़ दबाने का काम किया है. लेकिन अब नमस्ते तेलंगाना सच्चाई बयान करेगा."

उन्होने घोषणा की कि दो अगस्त से "रहबर-ए-तेलंगाना" नाम से एक उर्दू अख़बार भी प्रकाशित होने लगेगा. क्योंकि तेलंगाना की दो भाषाएं हैं- तेलुगू और उर्दू और दोनों ही भाषाओं में समाचार पत्रों की ज़रूरत है.

नए अख़बार के संपादक अल्लम नारायणा ने कहा कि ये अख़बार प्रकाशित करना बहुत ज़रूरी हो गया था क्योंकि आंध्र और रायलसीमा के समाचार पत्र तेलंगाना की उपेक्षा करते रहे हैं.

उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य के आंदोलन में इस समाचार पत्र की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी. यह अख़बार तेलंगाना में नौ केंद्रों से प्रकाशित होगा.

इसमें 12 पन्नों की ब्रॉडशीट और 16 पन्नों का टैबलॉयड शामिल है.

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