माओवादी हमले में 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत

माओवादी हमला (फ़ाइल फोटो)
Image caption माओवादी अक्सर बारूदी सुरंग का विस्फोट करते हैं

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में माओवादियों के हमले में 10 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. तीन जवानों के घायल होने का भी समाचार है. माओवादियों ने बारूदी सुरंग के विस्फोट में पुलिस की गाड़ी उड़ा दी.

घटना स्थल दंतेवाड़ा ज़िला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर कटेकल्यान के पास कतम के पास का बताया जाता है, जहाँ सुरक्षाकर्मियों का एक बारूदी सुरंग निरोधक वाहन विस्फोट की चपेट में आ गया.

दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अंकित गर्ग का कहना है कि मारे गए लोगों में सात विशेष पुलिस अधिकारी यानी एसपीओ हैं जबकि तीन जवान ज़िला पुलिसबल के हैं.

उनका कहना है कि यह सभी नियमित तलाशी अभियान से लौट रहे थे, जब इनका वाहन पहले से बिछाए गए बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया.

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट इतना ज़ोरदार था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए.

कहा जा रहा है कि घटनास्थल के पास माओवादी पहले से घात लगाकर बैठे हुए थे, विस्फोट के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों पर गोलियां भी चलाईं. घटना में तीन जवानों के घायल होने की बात कही जा रही है.

फ़िलहाल मारे गए जवानों के शवों को दंतेवाड़ा लाया गया है.

दूसरा हमला

पिछले 24 घंटों में यह इस इलाके में दूसरा बड़ा नक्सली हमला है. इससे पहले नारायणपुर ज़िले में माओवादी छापामारों नें राज्य सशस्त्र पुलिस के एक कैंप पर हमला कर पांच जवानों को मार दिया था.

सभी जवान झाराघाटी में हाल ही में स्थापित किए गए कैंप में तैनात थे. घटना सुबह लगभग सात बजे की है जब यह जवान कैंप के पास ही मौजूद थे.

पुलिस का कहना है इसी दौरान अचानक माओवादी छापामारों नें हमला कर दिया और जवानों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी.

अधिकारियों का कहना है कि चार जवानों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल जवान नें अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही दम तोड़ दिया. घटना के बाद माओवादी जवानों के हथियार भी लूट कर ले गए है.

छत्तीसगढ़ में पिछले पिछले 20 दिनों के अंदर हुआ यह तीसरा सबसे बड़ा नक्सली हमला है. 24 मई को महासमुंद ज़िले के गरियाबंद में हुए एक माओवादी हमले में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित नौ पुलिसकर्मी मारे थे.

यह घटना गरियाबंद इलाके के आममोरा की है जो उड़ीसा की सीमा पर स्थित है और घने जंगलों के अंदर है. माओवादियों के हमलों में अचानक आई तेज़ी से राज्य का पुलिस मुख्यालय सकते में आ गया है.

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