अस्पताल में भर्ती रामदेव की हालत स्थिर

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शुक्रवार को अस्पताल भर्ती कराए जाने के बाद बाबा रामदेव की हालत अब स्थिर बताई जा रही है. हरिद्वार में अनशन पर बैठे बाबा रामदेव की हालत बिगड़ गई थी, इसी के बाद उन्हें एंबुलेंस के ज़रिए देहरादून के एक अस्पताल ले जाया गया था.

भ्रष्टाचार और विदेशों में रखे काले धन को भारत वापस लाने की मांग को लेकर बाबा रामदेव चार जून से अनशन पर हैं.

देहरादून लाए जाने के बाद बाबा रामदेव को ग्लूकोज़ चढ़ाया गया. डॉक्टरों का कहना था कि उनकी नब्ज़ धीमी पड़ रही थी और इसका असर उनके हृदय पर पड़ सकता है. शुक्रवार को जारी हेल्थ बुलेटन में अस्पताल ने कहा है कि रामदेव की हालत अब स्थिर है और वो होश में हैं.

इससे पहले डॉक्टरों ने कहा था कि अनशन शुरु होने के बाद बाबा रामदेव का करीब पाँच से साढ़े पाँच किलोग्राम वज़न कम हो चुका है और उनका रक्तचाप गिर गया था.बाबा के प्रवक्ता ने भी बताया था कि बाबा के शरीर में पानी की कमी हो गई थी.

अध्यात्म गुरु श्री श्री रविशंकर ने रामदेव से मुलाकात की और मिलने के बाद कहा कि बाबा रामदेव की स्थिति में सुधार है. उन्होंने रामदेव से अनशन तोड़ने का अनुरोध किया है.

'सरकार कुछ करे'

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गुरुवार को हरिद्वार के ज़िलाधिकारी भी रामदेव से मिले थे और उनसे अनशन तोड़ने का अनुरोध किया था लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए थे. वे नींबू पानी और शहद लेने को तैयार हो गए थे. लेकिन इसके बावजूद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी. इसी के बाद रामदेव को अस्पताल भर्ती करवाया गया.

उधर भारतीय जनता पार्टी के नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार को इस मुद्दे को अहम का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए और बातचीत की शुरुआत करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने भ्रष्टाचार के खिलाफ़ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं और उनकी जान देश के लिए बेहद क़ीमती है.

अन्ना हज़ारे ने भी सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि रामदेव को विरोध करने का पूरी तरह अधिकार है और सरकार ने उनके साथ जो किया वह सही नहीं था.

बाबा रामदेव ने चार जून से दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन की शुरुआत की थी. लेकिन उसी दिन देर रात पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें हरिद्वार ले जाकर छोड़ दिया था.लेकिन रामदेव ने अपना अनशन जारी रखने का फ़ैसला किया था.

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