तीन डॉक्टर निलंबित, एसपी का तबादला

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Image caption विपक्ष के हंगामे की वजह से मुख्यमंत्री पर दबाव बढ़ गया है

उत्तर प्रदेश सरकार ने लखीमपुर खीरी ज़िले के निघासन थाना परिसर में शनिवार को एक किशोरी की हत्या के मामले में ग़लत रिपोर्ट देने के आरोप में तीन डाक्टरों को निलंबित और जिला पुलिस कप्तान डीके राय का तबादला कर दिया है.

इसके अलावा थाने के एक कर्मचारी को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है.

समझा जाता है कि केंद्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा मामले का नोटिस लेने और विपक्षी दलों के शोर मचाने के कारण सरकार ने मज़बूरी में यह कार्रवाई की है.

राजधानी लखनऊ से गए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार की शिकायत सुनी जिसके बाद सरकार से कड़ी कार्रवाई की सिफ़ारिश की .

विशेष पुलिस महानिदेशक ब्रजलाल ने पत्रकारों को बताया कि लखनऊ से गए डाक्टरों की एक टीम ने शनिवार को निघासन थाना परिसर मृत लड़की सोनम का दोबारा पोस्टमार्टम किया.

लखनऊ के डाक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोनम की हत्या गला दबाकर की गई थी जबकि इसके पहले खीरी के डॉक्टरों ने अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसे आमहत्या का मामला बताया था.

इस रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि इससे पहले खीरी जिला अस्पताल के डाक्टरों ने गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी थी इसीलिए तीनों डाक्टरों को सरकार ने निलंबित कर दिया है.

सरकार ने खीरी के पुलिस कप्तान डीके राय का तबादला करके अमित चंद्रा को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है.

सरकार का कहना है कि डीके राय ने मामले की जांच की सही ढंग से निगरानी नहीं की.

पुलिस अधिकारी ब्रज लाल का कहना है कि थाना परिसर में जिस पेड की डाल पर सोनम का शव लटकता बताया गया है उसकी ऊंचाई मात्र चार फुट आठ इंच थी, जबकि सोनम की लम्बाई चार फुट दस इंच थी इसलिए आत्महत्या की बात पहली नजर में ही ग़लत लगती है.

पुलिस ने थाने के रसोइए रामचंद्र को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है जबकि इससे पहले थाने में तैनात 11 पुलिस कर्मचारी निलंबित कर दिए गए थे.

मृत किशोरी के परिवार वालों का आरोप है कि उनकी बच्ची के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई और फिर इसे आत्महत्या का मामला बताकर शव जल्दी जल्दी थाने से हटा दिया गया.

राज्य सरकार ने मामले की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर सीआईडी को सौंप दिया है लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नही है. विपक्ष सोनम हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है.

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