बाबा रामदेव को अस्पताल से छुट्टी

साधुओं ने जूस पिलाकर बाबा रामदेव का अनशन ख़त्म करवाया इमेज कॉपीरइट BBC World Service

आमरण अनशन ख़त्म करने के दो दिनों बाद योगगुरु बाबा रामदेव को मंगलवार को अस्पताल से छु्ट्टी दे दी गई है.

अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा है कि वे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ और कालेधन को वापस लाने की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा.

विदेशों में जमा कालेधन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करके उसे भारत वापस लाने सहित कई मांगों को लेकर वे चार जून से आमरण अनशन पर थे.

दिल्ली के रामलीला मैदान से उन्हें और उनके समर्थकों को हटाए जाने के बाद उन्होंने हरिद्वार में अपना आमरण अनशन जारी रखा था.

शुक्रवार को उनका स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें देहरादून के एक अस्पातल में भर्ती करवाया गया था जहाँ उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था.

इसके बाद रविवार को श्रीश्री रविशंकर, मोरारी बापू और अखिल भारतीय संत समाज के 50 से अधिक संतों के अनुरोध पर बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण ने अपना अनशन नौवें दिन समाप्त कर दिया था.

'जारी रहेगा अनशन'

अस्पताल से निकलने के बाद रामदेव ने कहा है कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन करके उन्होंने कोई पाप नहीं किया है.

उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि सिर्फ़ स्वच्छ छवि वाले लोग संसद और विधानसभाओं में जाएँ. हम चाहते हैं कि विदेशों में जमा चार लाख करोड़ काला धन वापस लाया जाए."

बाबा रामदेव ने कहा, "देशवासियों के सहयोग से भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हमारा आंदोलन अंतिम साँस तक जारी रहेगा."

रामलीला मैदान में उनके समर्थकों पर की गई कार्रवाई की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि 'समर्थकों ने उस काली रात को जो कुछ झेला वह व्यर्थ नहीं जाएगा'.

हिमाल्यन हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर एसएल जेठानी ने रामदेव के स्वास्थ के बारे में पत्रकारों को बताया, "उनका स्वास्थ्य अब स्थिर है. हमने उन्हें सलाह दी है कि वे अगले दो-तीन दिन आराम करें और योग न करें. इसके बाद वे अपनी नियमित दिनचर्या का पालन कर सकते हैं."

अस्पताल से रिहा होने के बाद बाबा रामदेव हरिद्वार के पास स्थित अपने पतांजलि योगपीठ आश्रम के लिए रवाना हो गए हैं.

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