युद्धपोतों को लेकर भारत-पाक में ठनी

भारतीय युद्धपोत (फ़ाइल चित्र) इमेज कॉपीरइट internet
Image caption घटना में शामिल दोनों युद्धपोत मिसाइलों से लैस जहाज़ हैं

भारत ने पाकिस्तान की ओर से भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस गोदावरी पर रुकावट पैदा करने और पाक युद्धपोत के लिए 'ख़तरा' पैदा करने के आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तानी जहाज़ बाबर पर इस तरह की कार्रवाई का आरोप लगाया है.

मामला असल में यह है कि शुक्रवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि भारतीय युद्धपोत ने पाकिस्तानी युद्धपोत पीएनएस बाबर के रास्ते में उस समय रुकावट डाली जब आईएनएस गोदावरी एमवी स्वेज़ को सुरक्षा मुहैया करवा रहा था. यह घटना गत 16 जून की है.

पाकिस्तान ने कहा कि भारतीय युद्धपोत ने न सिर्फ पाकिस्तानी नौसेना के पोत द्वारा की जा रही मानवीय कार्रवाई में बाधा डाली बल्कि 'खतरनाक ढंग से उसके चक्कर भी लगाए'.

आरोप-प्रत्यारोप

इसके जवाब में भारत सरकार का कहना है कि पाकिस्तान ने असल में पूरे मामले को उलट दिया है.

पाकिस्तानी उच्चायोग के ज़रिए औपचारिक रुप से अपनी शिकायत दर्ज करते हुए भारत सरकार ने कहा कि पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत पीएनएस बाबर ने सुरक्षित समुद्री यात्राओं को लेकर बनाए गए अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी करते हुए भारतीय युद्धपोत के रास्ते में रुकावट डाली.

ग़ौरतलब है कि एमवी स्वेज को सोमालियाई लुटेरों ने 10 महीने तक बंधक बनाकर रखने के बाद गत 13 जून को उसे मुक्त किया था.

इस जहाज के 22 सदस्यीय चालक दल में छह भारतीय, 11 मिस्र और चार पाकिस्तान और एक श्रीलंका का नागरिक शामिल है.

यह मामला इस मायने में गंभीर है कि दोनों युद्धपोत मिसाइलों से लैस जहाज़ हैं और इन पर सवार भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना का दल युद्ध के लिए प्रशिक्षण प्राप्त जहाज़ दल होता है.

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