कनिमोड़ी को नहीं मिली ज़मानत

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टू जी स्पेक्ट्रम मामले में अभियुक्त डीएमके सांसद कनिमोड़ी को फ़िलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और याचिका खारिज कर दी.

इस मामले में सुनवाई करने वालों में से दो जजों ने 17 जून को ख़ुद को इस मामले से अलग कर लिया था.

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने आठ जून को कनिमोड़ी की ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटकटाया था.

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 13 जून को सीबीआई से पूछा था कि वह कलैइनार टीवी को कथित तौर पर दिए गए 200 करोड़ रूपये का ब्यौरा अदालत को दे. कनिमोड़ी कलैइनार टीवी की शेयर धारक हैं.

कनिमोड़ी और कलैइनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार को ज़मानत दिए जाने के ख़िलाफ़ सीबीआई ने हलफ़नामा दायर किया था.

सीबीआई का कहना है कि अगर इन्हें ज़मानत दी जाती है तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं.

सीबीआई ने कनिमोड़ी को टू जी स्पेक्ट्रम मामले में ए राजा के साथ सह अभियुक्त बनाया है. मई में दिल्ली की सीबीआई अदालत ने कनिमोड़ी की ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था.

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