साईं बाबा ट्रस्ट मामला: पुलिस ने शिकंजा कसा

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Image caption इस मामले के बाद अब ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या साईं बाबा के निधन के बाद उनकी छोड़ी हुई संपत्ति की लूट हो रही है.

आंध्र प्रदेश में अनंतपुर ज़िले की पुलिस ने हरीश नंद शेट्टी नामक उस व्यक्ति को आज अदालत में पेश किया जिसकी गाड़ी से कल 35 लाख रूपए की राशि ज़ब्त की गई थी.

यह गाड़ी पुट्टपर्ति में सत्य साईं बाबा के आश्रम की थी और जिस समय पुलिस ने उसे रोक कर तलाशी ली वो बंगलौर जा रही थी.

अदालत ने हरीश नंद शेट्टी को 27 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है जब की दो अन्य व्यक्तियों शेखर और सोहन शेट्टी को 23 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

पुलिस का कहना है कि उनके पास से जो राशि मिली है उसका संबंध सत्य साईं बाबा ट्रस्ट से था और उसे अवैध तरीके से बंगलौर भिजवाया जा रहा था.

पुलिस का यह भी कहना है की इस मामले में ट्रस्ट के कुछ प्रभाव शाली और अहम व्यक्तियों का हाथ है.

क्या लुट रही है साईं बाबा की संपत्ति

इस मामले में सोहन शेट्टी नामक जिस व्यक्ति तो पकड़ा गया है वो कर्नाटक के एक पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का पुत्र है और उसने पुलिस पर दबाव डालने की भी कोशिश की थी कि यह राशि छोड़ दी जाए.

हंगामा

इस पूरे मामले ने एक बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया है क्योंकि इससे यह गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है की क्या साईं बाबा के निधन के बाद उनकी छोड़ी हुई संपत्ति सुरक्षित है.

यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि साईं बाबा के निवास स्थान यजुर्वेद मंदिर के कपाट खोले जाने से पहले ही वहां से संपत्ति निकल कर अवैध तरीके से बाहर भिजवाई जा रही थी और इसमें सरकारी वहान का उपयोग किया गया था.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन रिपोर्टों के बाद ही पुट्टपर्ति से बहार जाने वाली सड़कों पर नाका बंदी कर दी गई और तमाम गाड़ियों की तलाशी ली जाने लगी. ऐसी ही तलाशी के दौरान यह राशि ज़ब्त की गई.

लेकिन सत्य साईं ट्रस्ट के एक सदस्य और साईं बाबा के भतीजे रत्नाकर ने पुलिस के इस बयान का खंडन किया है की यह राशि ट्रस्ट की थी. उन्होंने कहा की यह राशि 12 भक्तों की थी जो उन्होंने बाबा की समाधी बनाने के लिए जमा की थी.

पुलिस ने रत्नाकर के इस बयान को रद्द कर दिया है और अब वो उन लोगों से

सवाल

पूछताछ करना चाहती है जिन्होंने यह पैसा भिजवाया था और जिस व्यक्ति को यह पैसा दिया जाने वाला था.

यहाँ यह बात उल्लेखनीय है कि 28 मार्च को बाबा को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद से लगातार इस तरह के आरोप लग रहे थे की पुट्टपर्ति के प्रशांति निलयम आश्रम से करोड़ों की संपत्ति बहार भिजवाई जा रही थी.

ऐसे संकेत हैं की पुलिस की इस सख्त करवाई से प्रशांति निलयम आश्रम के कुछ प्रभावशाली लोग खुश नहीं हैं और वो अंदरूनी तौर पर मांग कर रहे हैं कि प्रशासन उसी तरह उनके साथ सहयोग करे जैसे की बाबा के जीवित रहते किया जाता था.

आम लोग इन घटनाओं से बहुत दुखी और चिंतित हैं और उन्होंने प्रशांति निलयम आश्रम के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया.

कांग्रेस के एक पार्षद पी सुधाकर रेड्डी ने मांग की है कि साईं बाबा की संपत्ति की ठीक देखभाल के लिए सरकार उनके ट्रस्ट को अपने हाथ में लेले.

राज्य के राजस्व मंत्री रघुवीरा रेड्डी ने कहा है कि सरकार इन घटनाओं पर कड़ी नज़र रखे हुए है और वो ज़रुरत पड़ने पर करवाई करेगी.

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