'पुलिस पकड़ना नहीं मिटाना चाहती थी'

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करीब तीन हफ़्ते पहले विवादों के बीच दिल्ली से बाहर भेजे गए योग गुरु बाबा रामदेव रविवार को एक बार फिर दिल्ली पहुँचे.

दिल्ली में चार जून की रात को बाबा रामदेव के अनशन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई थी. इसी दौरान राजबाला नाम की एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी. बाबा रामदेव रविवार को राजबाला से अस्पताल में मिलने गए.

रविवार को मुलाक़ात के बाद पत्रकार वार्ता में रामदेव ने एक बार फिर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया.

राजबाला को मु्द्दा बनाते हुए रामदेव ने कहा, “राजबाला वेंटीलेटर पर है. अगर वो बच जाती हैं तो कभी चल नहीं पाएँगी. उन्होंने शुरु में ग़लत उपचार दिया. वो अगर ठीक हो जाती हैं तो ये कोई चमत्कार ही होगा. पहले तो ये सरकार केवल भ्रष्टाचारी थी अब सरकार अत्याचारी भी हो गई है.”

रामदेव ने कहा कि अगर सरकार को लग रहा था कि उनका आंदोलन अलोकतांत्रिक था तो फिर चार-चार मंत्री दिल्ली हवाईअड्डे पर उनसे क्यों मिलने आए थे.

बाबा ने फिर आरोप लगाया कि चार जून की रात पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने नहीं बल्कि मिटाने आई थी.

'डरा नहीं हूँ'

बाबा रामदेव भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर चान जून से आमरण अनशन पर थे.बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें देहरादून अस्पताल भर्ती कराया गया था जहाँ उन्होंने नौ दिन के बाद अनशन तोड़ दिया था.

अनशन बीच में ही छोड़ने पर हुई आलोचना का जवाब देते हुए बाबा रामदेव ने कहा, “मैने अनशन इसलिए नहीं तोड़ा क्योंकि मुझे जान का ख़तरा था. साधु संत समाज के बहुत सारे सदस्यों ने मुझसे आग्रह किया था. फिर कई लोगों का कहना था कि वे तभी अनशन तोड़ेंगे जब मैं तोड़ूँगा. इसलिए मैने अनशन ख़त्म किया था.”

रामदेव ने महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की. इसके अलावा अपने सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के पासपोर्ट को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी ग़लत काम नहीं किया गया है.

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