नागरिक समाज की राजनीतिक दलों से मुलाक़ात

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Image caption अन्ना हज़ारे और सरकार के बीच कुछ मुद्दों को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है.

जन लोकपाल विधेयक को लेकर विभिन्न दलों से समर्थन जुटाने की अपनी मुहिम के तहत नागरिक समाज के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाक़ात की.

मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा कि नीतीश कुमार से उनकी मुलाक़ात बहुत लाभदायक रही है.

नीतीश कुमार ने कहा कि वो अपनी पार्टी से इस बारे में विचार करेंगे और तीन जुलाई को इस मुद्दे पर होने वाली सर्वदलीय बैठक में उनकी पार्टी अपनी राय व्यक्त करेगी.

अन्ना हज़ारे बृहस्पतिवार को ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एबी बर्धन और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डी राजा से भी मुलाक़ात करने वाले हैं.

इसके अलावा अन्ना की टीम शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी से मिलेगी.

इसी सिलसिले में बुधवार को अन्ना हज़ारे ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव प्रकाश करात, जद-यू अध्यक्ष शरद यादव और राष्ट्रीय लोकदल के नेता अजीत सिंह से मुलाक़ात की थी.

'प्रधानमंत्री'

इससे पहले बुधवार को दिल्ली पहुंचे अन्ना हज़ारे ने लोकपाल के दायरे में ख़ुद को लाने के प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत किया था.

अन्ना ने कहा था कि अगर प्रधानमंत्री ख़ुद लोकपाल के दायरे में आना चाहते हैं, तो उनकी कैबिनेट को इसमें दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए.

हज़ारे ने कहा था,''पदस्थ प्रधानमंत्री एक ईमानदार व्यक्ति हैं. केंद्रीय मंत्रिमंडल भारत का है, मंत्रिमंडल में बैठे लोग हमारे अपने लोग हैं, तब फ़ैसला करने में क्या समस्या है? उन्हें देश के लिए इसे करने में सक्षम होना चाहिए.''

बुधवार को ही अन्ना हज़ारे ने कहा था कि वह लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री कार्यालय को शामिल करने के लिए सोनिया गांधी को विश्वास में लेने की कोशिश करेंगे.

उन्होंने कहा था,''हम सभी दलों से मिलेंगे और तीन जुलाई को लोकपाल विधेयक को लेकर होने वाली सर्वदलीय बैठक से पूर्व एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर उन्हें बताएंगे कि यदि प्रधानमंत्री ऐसा कह रहें हैं तो फिर क्या समस्या है.''

लेकिन सोनिया गांधी से मुलाक़ात के लिए अन्ना हज़ारे को अभी तक समय नहीं मिल पाया है.

सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ के अधिकारियों ने बताया कि अन्ना हज़ारे और सोनिया गांधी के बीच बृहस्पतिवार को किसी मुलाकात का कोई समय तय नहीं है.

मीडिया में इस तरह की ख़बरें हैं कि अन्ना हजा़रे दो जुलाई को सोनिया गांधी से मिल सकते हैं, लेकिन सोनिया गांधी के आवास से इस तरह की किसी ख़बर की पुष्टि नहीं हो पाई है.

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