कांग्रेस सांसदों ने दी आमरण अनशन की धमकी

तेलंगाना के लिए प्रदर्शन
Image caption तेलंगाना के प्रदर्शनों में कांग्रेस के नेता अपनी ही पार्टी की सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन में हिस्सा लेते रहे हैं

आंध्र प्रदेश का बँटवारा कर अलग तेलंगाना राज्य की स्थापना के लिए एक बार फिर केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ने लगा है.

तेलंगाना से संबंध रखने वाले कांग्रेसी सांसदों ने कहा है कि अगर पहली जुलाई तक केंद्र सरकार ने कोई अनुकूल फ़ैसला नहीं किया तो वो पाँच जुलाई से आमरण अनशन पर चले जाएँगे. इस इलाक़े के एक सांसद राजगोपाल रेड्डी ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि वो आमरण अनशन का मन बना चुके हैं और इसके लिए निजाम कॉलेज मैदान के उपयोग के लिए प्रशासन से अनुमति भी मांगी गई है. उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उस ने तेलंगाना के विरुद्ध कोई फ़ैसला किया तो फिर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी का ही सफ़ाया हो जाएगा.

चेतावनी

तेलंगाना इलाक़े से ही आने वाली राज्य की एक वरिष्ठ मंत्री गीता रेड्डी ने भी कहा कि तेलंगाना के तमाम कांग्रेसी नेताओं की एक बैठक पहली जुलाई को होगी जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी.

उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य देने की बजाए, क्षेत्रीय परिषद या वित्तीय पैकेज जैसे किसी और विकल्प की घोषणा करती है तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. कांग्रेस के नेता ऐसे समय अपना दबाव बढ़ा रहे हैं जब तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति ने उन्हें त्यागपत्र देने के लिए जो समय अवधि दी थी वो समाप्त हो गई है.

संघर्ष समिति की ओर से कहा गया है, "अगर अब भी कांग्रेस सांसद, विधायक और मंत्री त्यागपत्र नहीं देते तो फिर उनका बहिष्कार शुरू किया जाएगा और उन्हें तेलंगाना में घुसने नहीं दिया जाएगा." दूसरी ओर तेलंगाना की मांग का विरोध करने वाले कांग्रेस के वो नेता जो आंध्र और रायल सीमा क्षेत्रों से संबंध रखते हैं पाँच जुलाई को ही दिल्ली जा रहे हैं.

राज्य के दो मंत्रियों शैलाजानाथ और टीजी वेंकटेश ने कहा कि वो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस कोर समिति के सदस्यों से मिलेंगे और उन पर राज्य का बँटवारा न करने की अपील करेंगे.

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