ग्रोवर हत्याकांड मे मारिया जेल से रिहा

मुंबई पुलिस (फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption जाँच अधिकारी और वकील ने कहा है कि वे इस फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे

मुंबई के बहुचर्चित नीरज ग्रोवर हत्याकांड मामले में सबूत मिटाने की दोषी क़रार दी गई कन्नड़ अभिनेत्री मारिया सुसाइराज जेल से रिहा हो गई हैं.

शुक्रवार को मुंबई की निचली अदालत ने उन्हें नीरज ग्रोवर की हत्या के मामले में सबूत मिटाने का दोषी क़रार देते हुए तीन साल की सज़ा सुनाई थी.

वो पिछले तीन साल से जेल में हैं लिहाज़ा उन्होंने अपनी सज़ा पूरी कर ली है, इसलिए कुछ काग़ज़ी कार्रवाई के बाद शनिवार को उन्हें रिहा कर दिया गया.

लेकिन उनकी रिहाई से नीरज ग्रोवर का परिवार बहुत दुखी है. नीरज की मां का कहना है कि मारिया सिर्फ़ सबूत मिटाने की दोषी नहीं बल्कि उनके अनुसार मारिया ने उनके बेटे की हत्या की थी.

इस मामले में अदालत ने नौसेना में पदस्थ एमिली जेरोम मैथ्यू को ग़ैर इरादतन हत्या का दोषी क़रार देते हुए दस साल की सज़ा सुनाई गई थी.

नीरज के पिता अमरनाथ ग्रोवर भी अदालत के इस फ़ैसले से दुखी हैं. उनका कहना है कि एक ही अपराध के लिए दो लोगों को अलग-अलग सज़ा कैसे सुनाई जा सकती है?

उनका कहा है कि उन्होंने इस मामले में सरकारी वकील और जाँच अधिकारी से बात की है और उन लोगों ने कहा है कि वे इस मामले में हाईकोर्ट जाएँगे.

गुरुवार को उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस ने मामले की ठीक तरह से जांच नहीं की है.

चर्चित हत्याकांड

नीरज ग्रोवर की हत्या सात मई, 2008 को हुई थी.

हत्या के बाद नीरज की लाश के 300 टुकड़े किए गए थे और उन्हें बैग में पैक कर शहर से दूर ले जाकर जला दिया गया था.

नीरज की हत्या के बाद ख़ुद मारिया सुसाइराज ने मालाड पुलिस थाने में जाकर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी.

लेकिन छानबीन के बाद पुलिस ने मारिया और जेरोम मैथ्यू को इस मामले में गिरफ़्तार किया था.

मैथ्यू पर आरोप था कि उसने नीरज ग्रोवर को इसलिए मार डाला, क्योंकि उसे शक था कि उसकी मंगेतर मारिया सुसाइराज और नीरज ग्रोवर के बीच रिश्ता है.

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