रक्षा सचिव प्रदीप कुमार होंगे नए सीवीसी

सीवीसी
Image caption पिछले चार महीने से सीवीसी का पद खाली था.

भारत के मौजूदा रक्षा सचिव प्रदीप कुमार को देश के नए मुख्य सतर्कता आयुक्त के रूप में चुन लिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने पहले तत्कालीन सीवीसी पीजे थॉमस की नियुक्ति को रद्द कर दिया था और तब से इस अहम पद पर कोई भी आसीन नहीं था.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृह मंत्री पी चिदंबरम और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज वाली तीन सदस्यों की समीति ने शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर बैठक की.

इस बैठक का उद्देश्य सीवीसी की नियुक्ति थी और प्रदीप कुमार को सर्वसम्मति से चुन लिया गया.

जुलाई महीने की 31 तारीख़ को प्रदीप कुमार रक्षा सचिव के पद से सेवानिवृत होने वाले वाले हैं.

हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार इससे पहले विनिवेश सचिव और सचिव, रक्षा संपदा विभाग रह चुके हैं.

प्रधानमंत्री आवास पर बैठक के बाद सुषमा स्वराज ने कहा, "नए सीवीसी का नाम तय कर लिया गया है और बिना किसी विरोध के. इस नाम की घोषणा सरकार करेगी."

सीवीसी पर विवाद

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पीजे थॉमस की नियुक्ति को अवैध ठहराया था

इसी साल मार्च महीने में भारत की सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पीजे थॉमस की नियुक्ति को अवैध ठहराया था.

इस आदेश के बाद केंद्र सरकार को एक बड़ा झटका लगा था क्योंकि ये नियुक्ति प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और लोकसभा में विपक्ष की नेता की समिति ने की थी.

हालांकि विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने थॉमस के नाम पर आपत्ति जताई थी और इस नियुक्ति के लिए अपनी सहमति नहीं दी थी.

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान ये फ़ैसला सुनाया था.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि वे सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करते हैं.

पीजे थॉमस के ख़िलाफ़ वर्ष 2002 से पालमोलीन निर्यात से संबंधित एक मामला लंबित है और उससे संबंधित चार्जशीट में पीजे थॉमस का नाम भी है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिस उच्चस्तरीय समिति ने पीजे थॉमस की नियुक्ति की सिफ़ारिश की थी उसका क़ानून के मुताबिक कोई अस्तित्व नहीं है.

संबंधित समाचार