चरमपंथ के प्रति पाक रवैया बदला है: भारत

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Image caption कुछ ही समय पहले निरुपमा राव और सलमान बशीर ने इस्लामाबाद में बैठक की थी.

भारत का कहना है कि चरमपंथ के प्रति पाकिस्तान का रवैया बदला है जो एक ठोस क़दम है और भारत को इसका ख़्याल रखना चाहिए.

विदेश सचिव निरुपमा राव का कहना था कि ‘‘पाकिस्तान जिस नज़रिए से चीज़ों को देखता है उसमें निश्चित रुप से बदलाव आया है.’’

टीवी चैनल सीएनएन आईबीएन के कार्यक्रम डेविल्स एडवोकेट में निरुपमा राव ने ये बातें कहीं.

यह पूछे जाने पर कि अगर पाकिस्तान के साथ बात करना सही रणनीति है तो 26 नवंबर की घटना के बाद क्यों बातचीत नहीं करने का फ़ैसला किया गया था और 26 नवंबर के मामले में अभी भी भारत सरकार मानती है कि प्रगति नहीं हो रही है.

इस बारे में निरुपमा राव का कहना था, ‘‘ यह निर्भर करता है कि आप कैसे चीज़ों को देखते हैं.क्या बात नहीं करने के रवैए से फ़ायदा हुआ है. यह विश्लेषण का विषय है. मुझे लगता है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने बातचीत का फ़ैसला किया ताकि दोनों देशों के बीच बढ़ती खाई को पाटा जा सके. यह रियलिस्टिक अप्रोच है.’’

निरुपमा का कहना था कि वो मानती हैं कि ‘‘26 नवंबर के मामले में जांच की कार्रवाई पाकिस्तान में बहुत धीमी है लेकिन पाकिस्तान से जो फीडबैक आ रहा है उसमें ये कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच आंतकवाद सहित सभी मुद्दों पर बातचीत की ज़रुरत है.’’

हाल ही में भारत पाकिस्तान विदेश सचिव वार्ताओं के बारे में निरुपमा ने कहा कि बातचीत बहुत सकारात्मक रही है और भारत को इसका ध्यान रखना चाहिए.

उनका कहना था, ‘‘मैं समझती हूं कि जब वो ये कहते हैं कि संबंधों में गैर सरकारी तत्वों का ख्याल रखना होगा, उनके छुपने के ठिकानों को देखना होगा, जाली नोट का मामला देखना होगा. हमें आतंक से जुड़े सभी मसलों को देखना होगा. यह एक बड़ी बात है.’’

हालांकि निरुपमा ने माना कि वो पाकिस्तानी अधिकारियों से ये उम्मीद कतई नहीं करती हैं कि वो पाकिस्तान सरकार और चरमपंथ के बीच संबंधों पर कोई बात करना पसंद करेंगे.

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