बांग्लादेश मामले पर भरपाई की कोशिश

शेख़ हसीना और मनमोहन सिंह

बांग्लादेश पर अपनी टिप्पणी से आलोचनाओं का सामना कर रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना से फ़ोन पर बातचीत की है.

और तो और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सितंबर में बांग्लादेश दौरे की तारीख़ की भी घोषणा कर दी गई है. घोषणा के मुताबिक़ प्रधानमंत्री छह और सात सितंबर को बांग्लादेश जाएँगे.

इसे असाधारण माना जा रहा है क्योंकि इतनी जल्दी तारीख़ की घोषणा नहीं होती. वैसे भी छह से आठ जुलाई तक विदेश मंत्री एसएम कृष्णा बांग्लादेश दौरे पर जा रहे हैं और उम्मीद की जा रही थी कि विदेश मंत्री के दौरे से लौटने के बाद ही प्रधानमंत्री के दौरे की तारीख़ तय होगी.

जानकारों का मानना है कि अपनी टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रिश्तों में आई कुछ खटास को कम करने की पहल कर रहे हैं.

मनमोहन सिंह ने शेख़ हसीना से बातचीत में ये कहा कि भारत अपने पड़ोसी बांग्लादेश के साथ रिश्तों को काफ़ी अहमियत देता है. उन्होंने ये भी कहा कि वे बांग्लादेश दौरे को लेकर उत्सुक हैं.

टिप्पणी

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की ओर से भी इस बातचीत के बारे में एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है. इस बयान के मुताबिक़ शेख़ हसीना ने कहा- वे और बांग्लादेश की जनता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दौरे का इंतज़ार कर रही है. इस दौरे से काफ़ी उम्मीदें हैं और मुझे भरोसा है कि ये ऐतिहासिक दौरा होगा.

दरअसल पिछले दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर मनमोहन सिंह की बांग्लादेश पर की गई टिप्पणी छपी थी. वेबसाइट के मुताबिक़ प्रधानमंत्री ने कहा था कि बांग्लादेश की 25 प्रतिशत जनसंख्या जमाते-इस्लामी की कसमें खाती हैं और वो भारत विरोधी है.

इस बयान के सार्वजनिक होने के बाद काफ़ी विवाद हुआ और फिर वेबसाइट से मनमोहन सिंह की टिप्पणी हटा ली गई और तर्क ये दिया गया कि प्रधानमंत्री ने ये बातें ऑफ़ द रिकॉर्ड कही थी.

प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी की राजनयिक हलकों ने काफ़ी आलोचना हुई थी और कई पूर्व राजनयिकों ने ये सवाल भी उठाए थे कि प्रधानमंत्री को ये आँकड़े किसने दिए थे.

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