भारत बांग्लादेश के बीच कई समझौते

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Image caption एस एम कृष्णा ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना से मुलाक़ात भी की है

बांग्लादेश और भारत अपने अपने यहाँ दस साल तक एक दूसरे के निवेशों को सुरक्षा प्रदान करेगें. भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की बांग्लादेश यात्रा के दौरान दोनों देशों के विदेशमंत्रियों ने इससे सम्बंधित समझौतों पर ढाका में दस्तख़त किये.

ढाका में बीबीसी बांग्ला के संवाददाता अकबर हुसैन के अनुसार दोनों देशों में इस बात पर भी सैद्धांतिक रज़ामंदी हो गई है कि किस तरह से भूटान के ट्रकों को दोनों देशों की सीमाओं के भीतर प्रवेश दिया जा सके.

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने जनवरी में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जारी किये गए साझा बयान को ऐतिहासिक बताया है.

कृष्णा ने कहा की भारत ने बांग्लादेश को जो एक अरब डॉलर के क़र्ज़ की सहूलियत दी हुई है उसके बारे में कई प्रस्ताव मिले हैं जिन पर काम चल रहा है.

दोनों देशों के बीच इस समय 500 मेगावॉट बिजली ग्रिड स्थापित करने का काम चला रहा है जिसमे से 250 मेगावॉट बिजली भारत बांग्लादेश को रियायती दरों पर उपलब्ध कराएगा.

बढ़ता व्यापार

वित्तीय वर्ष 2010-2011 के शुरूआती दस महीनों में बांग्लादेश का भारत को निर्यात 56 प्रतिशत बढ़ा है.

बांग्लादेश की विदेश मंत्री डॉ दीपू मोनी के साथ बातचीत के बाद कृष्णा ने ढाका में पत्रकारों को बताया कि भारत मेघालय में बांग्लादेश सीमा पर 9 नए चेक पोस्ट स्थापित करने जा रहा है.

साथ ही दोनों देशों ने मिल कर चरमपंथ और उग्रवाद के खिलाफ़ साथ मिल काम करने की बात पर जोर दिया.

कृष्णा ने पत्रकारों को ये भी बताया कि दोनों देशों के बीच लम्बे समय से विवाद का विषय बने तीस्ता और फेनी नदियों के जल के अंतरिम बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है.

कृष्णा के कहा इस बाबत भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बांग्लादेश की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर होंगे.

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