क्या रेलवे कुछ छुपा रही है?

Image caption घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी टूटी हुई पटरियों की जांच कर रहे थे लेकिन उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में हुई ट्रेन दुर्घटना के कारणों की जांच चल रही है लेकिन इसका तात्कालिक कारण इमरजेंसी ब्रेक का लगाया जाना बताया जाता है.

हालांकि रेलवे इस बात का खंडन कर रही है.

एसी कोच के गार्ड राम कुमार ने बीबीसी को बताया कि ट्रेन फतेहपुर से सामान्य गति से आ रही थी और बाद में ट्रेन झटके लेने लगी और गार्ड ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया लेकिन तब तक गाड़ी पलट चुकी थी.

जब हम गार्ड से बात कर रहे थे तो रेलवे के लोग आए और गार्ड को वहां से हटा दिया.

इतना ही नहीं घटनास्थल पर पहुंचे रेलवे के एक जूनियर कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बीबीसी को बताया कि पटरी पर मरम्मत का काम चल रहा था और इस संबंध में ड्राइवर को दी जाने वाली लिखित सूचना नहीं दी गई थी.

कर्मचारी की बात से साफ है कि पटरी पर मरम्मत की जानकारी ड्राईवर को नहीं थी तभी ड्राईवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया होगा.

इसके अलावा ट्रेन के ड्राईवर ने भी शुरुआत में इसी तरह की बात कही थी. घटनास्थल पर पहुंचे पास के ही गांव के एक व्यक्ति सूर्यभान ने अपने मोबाइल पर ट्रेन के ड्राईवर से हमारी बात करवाई थी.

इस बातचीत में ड्राईवर ने कहा था कि स्टेशन पर पटरी मिलाई जाती है जो कि इस मामले में नहीं मिलाई गई थीं.

मौके पर मौजूद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का भी कहना है कि इस मामले में रेलवे घटना के कारणों को छिपाने की कोशिश कर रही है. हालांकि कोई भी अधिकारी नाम उजागर करना नहीं चाह रहा है.

Image caption ट्रेन की एसी कोच के गार्ड का कहना है कि इमरजेंसी ब्रेक लगाया गया था.

जब हम मौके पर पहुंचे तो एक स्थान पर पटरी टूटी हुई थी और रेलवे के अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं.

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल और कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थनल पर पहुंचे हैं.

उधर रेलवे ने हावड़ा-कालका मेल में इमरजेंसी ब्रेक के इस्तेमाल की बात से इनकार कर दिया है.

नार्थ सेन्ट्रल रेलवे ज़ोन के सीपीआरओ संदीप माथुर ने एक प्रेस कांफ्रेस में हादसे से जुडी जानकारी दी लेकिन कारणों के बारे में चुप्पी साधे रहे.

माथुर के अनुसार इस ट्रेन के ड्राइवर ने बयान दिया है कि उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल नहीं किया. इतना ही नहीं हादसे के पास की जगह की सभी फिश प्लेट्स भी सुरक्षित पाई गई हैं.

कालका मेल के ड्राइवर एके सिंह और असिस्टेंट ड्राइवर उमाकांत यादव दोनों ही इलाहाबाद के रहने वाले हैं.

हादसे में इंजन भी पलटने से दोनों को चोटें आईं हैं.हालांकि दोनों की हालत खतरे से बाहर है.

रेलवे के अनुसार दोनों ने अफसरों को बताया कि उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल नहीं किया. यह ट्रेन करीब 108 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से जा रही थी और अचानक ही पलट गई.

रेलवे की मानें तो दोनों ड्राइवर्स को भी वजह समझ में नहीं आ रही.ड्राइवर्स ने ब्रेक शू जाम होने से भी इनकार किया है.

हादसे की जांच ईस्ट जोन के सेफ्टी कमिश्नर को सौंप दी गई है.जांच में हर पहलू पर तफ्तीश की जाएगी.

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