'स्वास्थ्य मिशन' मामले में अहम गिरफ्तारी

डाक्टर योगेन्द्र सचान
Image caption डाक्टर सचान की जेल अस्पताल में संदिग्ध हालात में मौत हो गयी थी.

लखनऊ के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर एके शुक्ला को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में हुए कथित घपलों के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस उप महानिरीक्षक डीके ठाकुर ने बताया कि डाक्टर शुक्ला इस समय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं, इसलिए अस्पताल के डाक्टरों से परामर्श के बाद उन्हें अदालत में पेश करने की कार्रवाई की जाएगी.

डाक्टर शुक्ला को कथित भ्रष्टाचार के तीन महीने पुराने उसी मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें डाक्टर सचान गिरफ्तार किए गए थे.

पुलिस ने बाद में डाक्टर सचान को परिवार कल्याण विभाग के सीएमओ डाक्टर बीपी सिंह और डाक्टर विनोद आर्य की हत्या के षड्यंत्र में भी अभियुक्त बना दिया गया था.

बाद में डाक्टर सचान की जेल अस्पताल में संदिग्ध हालात में मौत हो गयी, जिसे उनके परिवार ने हत्या करार दिया.

पुलिस का कहना है कि डाक्टर एके शुक्ला का सीएमओ मर्डर केस से कोई मतलब नहीं है.

गंभीर आर्थिक घोटाला

बताया जाता है कि चूँकि डाक्टर शुक्ला बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र के रिश्तेदार हैं. इसलिए पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही है.

लेकिन मीडिया और अदालत में लगातार उनके बारे में सवाल पूछे जाते रहे.

पुलिस का कहना है कि सोमवार को जब डाक्टर शुक्ला की गिरफ्तारी का निर्णय हुआ, उसके बाद ही डाक्टर शुक्ला ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हो गए.

याद दिला दें कि परिवार कल्याण विभाग में हुए गंभीर आर्थिक घोटालों की जिम्मेदारी लेते हुए विभाग से जुड़े माया सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों बाबू सिंह कुशवाहा और अनंत कुमार ने इस्तीफा दे दिया था.

लेकिन विपक्षी दल इससे संतुष्ट नही हुए. उनका आरोप है कि घोटाले का धन ऊपर मुख्यमंत्री तक जाता था.

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन दफ्तर जाकर सूचना कानून के तहत संपूर्ण जानकारी मांगी थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं के अनुसार सरकार जानकारी देने से कतरा रही है.

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