तेलंगाना के लिए सिर मुंडवाए

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Image caption तेलंगाना के समर्थन में छात्रों ने मुंडाए सिर और अनशन किया

अलग तेलंगाना राज्य के समर्थन में हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्रों का आमरण अनशन आज दूसरे दिन भी जारी रहा.

तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस नेता भी कल से इसी मुद्दे पर दो दिन का आनशन शुरु करने वाले हैं.

उस्मानिया विश्वविद्यालय के केम्पस में काफ़ी तनाव है और उसे पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने घेर रखा है.

किसी नेता को केम्पस में जाने की अनुमति नहीं है.

अपने आन्दोलन को तेज़ करने के लिए कई छात्रों ने अपने सिर भी मुंडवा दिए.

तेलंगाना से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केशव राव ने कहा कि वो और उनके साथी कल से इंदिरा पार्क पर दो दिन का अनशन शुरु करेंगे.

इसमें कांग्रेस के वो तमाम विधायक और सांसद भाग लेंगे जिन्होने अपने पदों से त्याग पत्र दे दिया है.

पहले यह लोग हैदराबाद के मशहूर नुमाइश मैदान पर भूख हड़ताल करने वाले थे लेकिन पुलिस से अनुमति न मिलने पर उन्होने यह कार्यक्रम अब इंदिरा पार्क पर आयोजित करने का फ़ैसला किया है.

इन कांग्रेसी नेताओं ने तेलंगाना के लिए अपना आन्दोलन संयोजित ढंग से चलाने के लिए एक स्टीरिंग समिति भी स्थापित की है जिसके अध्यक्ष केशव राव और जाना रेड्डी होंगे.

आज़ाद से नाराज़ कांग्रेसी

कांग्रेस के प्रभारी ग़ुलाम नबी आज़ाद के इस ताज़ा बयान ने तेलंगाना के कांग्रेसियों को और भी भड़का दिया है कि तेलंगाना की समस्या पर सलाह मशविरे की प्रक्रिया फिर से शुरु करनी पड़ेगी क्योंकि श्रीकृष्ण समिति ने अपनी रिपोर्ट में इसका कोई समाधान नहीं दिया है और छ विकल्प दिए हैं.

आज़ाद ने बेइजिंग में पत्रकारों से कहा कि अलग राज्य के पक्ष में तेलंगाना में जितनी भावनाएं तीव्र हैं उतना ही आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों में इसका विरोध है.

उन्होने यह भी कहा कि जब तक राज्य में इस विषय पर सर्वसम्मति नहीं बनती और राज्य विधान सभा एक प्रस्ताव पारित नहीं करती केंद्र इस विषय पर कोई क़दम नहीं उठा सकता.

आज़ाद ने कहा कि इससे पहले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार विधान सभाओं में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही छत्तीसगढ़, उत्तरांचल और झारखण्ड राज्य बनाए गए थे.

आज़ाद का यह बयान कांग्रेसियों के लिए ज़्यादा निराशाजनक है क्योंकि कल ही कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि कांग्रेस आला कमान जल्द ही तेलंगाना पर एक घोषणा करने वाली हैं और वो इस समस्या के समाधान के लिए तीन विकल्पों पर विचार कर रही हैं.

इनमें निर्धारित समय के अन्दर तेलंगाना राज्य की स्थापना, हैदराबाद के बिना तेलंगाना राज्य की स्थापना और राज्यों के पुनर्गठन का आयोग बिठाना शामिल हैं.

तेलंगाना के कांग्रेसी नेता केशव राव ने कहा कि राज्यों के पुनर्गठन का आयोग उन्हे स्वीकार्य नहीं है.

अगर केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य की घोषणा करती है तो वो हैदराबाद के विषय पर बात कर सकते हैं.

कल से कांग्रेसियों के अनशन शुरु होने के बाद आला कमान के लिए समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं.

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