राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति

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कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि हर आतंकी हमले को रोक पाना 'बहुत मुश्किल' काम है.

शिवसेना और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है.

राहुल गांधी ने भुवनेश्वर में कहा था, "हर आतंकी हमले को रोक पाना बहुत मुश्किल है. हमें आतंकवाद से स्थानीय स्तर पर लड़ना होगा. हमने इसमें बहुत सुधार किया है, लेकिन इसे हर वक़्त रोक पाना असंभव है."

शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने कहा है कि ये बयान मुंबई का 'अपमान' है.

उन्होंने कहा, "राहुल गांधी मुंबई का अपमान करने का एक भी मौक़ा नहीं छोड़ते हैं. जब वो ये कहते हैं कि आतंकी हमले होते रहेंगे तो इससे लगता है कि वो भारत में रहने लायक नहीं हैं."

ठाकरे ने कहा कि मुंबईवासियों की हिम्मत की दाद देने के बजाय सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि मासूम लोग सुरक्षित रहें.

'दुर्भाग्यशाली और ग़ैरज़िम्मेदाराना बयान'

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना इस बयान की आलोचना की है.

मायावती ने कहा, "कांग्रेस के एक नेता का ये बयान कि हर आतंकी हमले को नहीं रोका जा सकता, दुर्भाग्यशाली और ग़ैरज़िम्मेदाराना है. "

लेकिन केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल पटेल राहुल गांधी के बयान से ये कहते हुए सहमत दिखे कि मुंबई के आकार की वजह से ऐसे 'हरेक हमले' को रोक पाना संभव नहीं है.

कांग्रेस पार्टी ने भी बाद में राहुल गांधी के बयान का बचाव किया.

बचाव

कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, "हमारी जनसंख्या एक अरब बीस करोड़ है. हमने तरक्की की है. हमने अपने ख़ुफ़िया तंत्र को सुधारा है. कोई भी ये नहीं कह सकता कि सबकुछ फ़ुलप्रूफ़ है. भारत की स्थिति पाकिस्तान से बेहतर जहां हर दिन, हर हफ़्ते विस्फोट होते हैं. अमरीका पर भी 9/11 के हमले हुए हैं."

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने भी कहा है कि वे राहुल गांधी के बयान में कुछ भी ग़लत नहीं देखते.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बयान एक 'कॉमन सेंस' का तथ्य है. सिंघवी के अनुसार ये एक तथ्य है कि आतंकवादियों को सिर्फ़ एक सफल होना होता है जबकि सुरक्षाबलों को हमेशा सफल होने की कोशिश करनी होती है.