मुबंई धमाके: अबतक कोई सुराग़ नहीं

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बुधवार को मुंबई में हुए बम धमाकों के दो दिन बीत जाने के बाद भी तहक़ीक़ात करने वाली टीम को कोई सुराग़ नहीं मिल पाया है और न ही अबतक किसी संगठन ने हमलों की ज़िम्मेदारी क़बूल की है.

बुधवार शाम को एक के बाद एक हुए तीन बम धमाकों की जांच का काम महाराष्ट्र के आतंक विरोधी दस्ते (एटीएस) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपा गया है.

एनआईए के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि जांच में "अब तक कोई सुराग़ नहीं मिला है."

सुराग़ की तलाश में दोनों एजेंसियां ज़ावेरी बाज़ार, दादर और ओपेरा हॉउस से मिले सीसीटीवी के फुटेज की जांच कर रही हैं.

हालांकि ज़ावेरी बाज़ार में धमाके के लिए जिस स्कूटर का इस्तेमाल किया गया था उसकी शिनाख्त हो गई है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय अगर अधिकारियों को कोई सुराग़ मिलता भी है तो वो फिलहाल इसे खुफ़िया रखेंगे.

जांच करने वाली एजेंसियों को कई टुकड़ों में बाँट कर उन्हें अलग-अलग काम सौंपे गए हैं. पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की है लेकिन अब तक कोई कड़ी नहीं मिल पाई है.

भारतीय मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं और चैनलों पर विशेषज्ञ अलग-अलग विचार प्रकट कर रहे हैं. एक ने शक ज़ाहिर किया कि इन धमाकों में इंडियन मुजाहेदीन का हाथ हो सकता है क्योंकि 2006 में हुए ट्रेन धमाकों की योजना और इस पर अमल करने का तरीक़ा बुधवार के धमाकों से काफ़ी मिलता जुलता है.

लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी तरह का 'ब्रेक थ्रू' नहीं मिला है.

बुधवार के तीन धमाकों में 17 लोगों की मौत हो गई थी जबकि काफ़ी लोग घायल हुए थे.

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