नीतीश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप

नीतीश कुमार

नीतीश कुमार को विधानसभा चुनाव में भारी जीत मिली थी

बिहार में औद्योगिक ज़रूरतों के लिए निर्धारित ज़मीन के आबंटन में नीतीश सरकार पर अनियमितता और पक्षपात बरतने का आरोप लगा है.

इस मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को भारी शोर-शराबा मचाते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफ़े की मांग की.

हंगामे के दबाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कहना पड़ा कि राज्य के मुख्य सचिव को इस बाबत वस्तुस्थिति की शीघ्र जांच करके रिपोर्ट देने को कहा गया है.

फ़िलहाल इससे अधिक कोई टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार कर दिया. लेकिन जिन मंत्रियों पर इस कथित घपले में शरीक होने का आरोप लगा है, उन्होंने संबंधित भू-आबंटन को बिल्कुल नियम के मुताबिक़ कहा है.

बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की ओर से राज्य में उद्योग-धंधे के लिए भूखंड-आबंटन से जुड़ा यह मामला नीतीश सरकार के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप की शक्ल में उभरा है.

आरोप

गंभीर इसलिए क्योंकि इसमें नीतीश कुमार के बेहद क़रीबी समझे जाने वाले कुछ मंत्रियों और कई चहेते अधिकारीयों को लाभ दिलाने के कथित सबूत उछाले जा रहे हैं.

आरोप है कि नियमों की अनदेखी करके सत्ता-प्रभाव वाले परिजनों के बीच महंगे भूखंडों के सस्ते बंटवारे का पक्षपाती खेल हुआ.

लाभ लेने वालों में राज्य के मानव संसाधन मंत्री पीके साही की बेटी, समाज कल्याण मंत्री परवीन अमानुल्लाह की बेटी, सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड के सांसद जगदीश शर्मा के बेटे और मुख्यमंत्री सचिवालय के एक आईएएस अधिकारी सिद्धार्थ समेत कई अधिकारियों और नेताओं के रिश्तेदारों के नाम शामिल हैं.

इनमें से दो मंत्रियों- पीके साही और परवीन अमानुल्लाह ने अपनी-अपनी बेटी के लिए हुए भू-आबंटन को बिल्कुल नियमानुकूल और पक्षपात रहित करार दिया है.

उधर विधानसभा में इस बाबत हुए हंगामे के बाद विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दीक़ी ने पत्रकारों से कहा, ''कथित सुशासन का काला चेहरा धीरे-धीरे सामने आ रहा है. मुख्यमंत्री के चहेते मंत्रियों और अधिकारियों ने अपने बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों को बियाडा की ज़मीन दिलवाने के लिए बिना किसी विज्ञापन के सिंगल बीड में नियम-विरुद्ध आबंटन कराया.''

इस मामले पर मंगलवार को दिन भर पटना में नीतीश सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन हुए. कांग्रेस-कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार के पुतले फूंके.

मांग

लोक जनशक्ति पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने इसे गंभीर घोटाला बताते हुए इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की.

रामविलास पासवान

रामविलास पासवान ने सीबीआई जाँच की मांग की है

रामविलास पासवान ने कहा कि वह बुधवार को राष्ट्रपति से मिलकर बिहार की नीतीश सरकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करेंगे.

उधर इस मामले का सूत्र फ़ारविसगंज गोलीकांड से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है. वहाँ बियाडा की ओर से आबंटित जिस ज़मीन पर ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के समय पुलिस ने गोलियां चलाई थीं, वह ज़मीन भी इसी तरह भाजपा विधायक अशोक अग्रवाल के एक क़रीबी को आबंटित हुई थी.

अशोक अग्रवाल को राज्य के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का अत्यंत प्रियपात्र माना जाता है. फ़ारविसगंज गोलीकांड में मुस्लिम समुदाय के चार व्यक्ति मारे गए थे.

ज़ाहिर है कि भ्रष्टाचार के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस 'बियाडा-भ्रष्टाचार' को लेकर उठी उंगली के निशाने पर आ गए हैं.

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