'येदुरप्पा के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत'

Image caption संतोष हेगड़े का कहना है कि उनका फ़ोन टैप किया गया.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कर्नाटक में अवैध खनन से जुड़ी रिपोर्ट तैयार कर रहे राज्य के लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने कहा है कि अवैध खनन से राज्य को 1800 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.

लोकायुक्त को दो अगस्त से पहले यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी है लेकिन उससे पहले ही रिपोर्ट लीक हो गई है जिसके बाद राजनीतिक अस्थिरता पैदा होने की आशंका जताई जा रही है.

एक स्थानीय चैनल पर लोकायुक्त हेगड़े ने कहा, ‘‘अवैध खनन से करीब 180 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है राज्य को और इसमें बड़े राजनेता भी शामिल हैं.’’

हेगड़े ने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया लेकिन कई समाचार पत्रों में उनकी रिपोर्ट लीक हो गई जिससे वो दुःखी भी नज़र आए.

हेगड़े का कहना था कि रिपोर्ट लीक होना सही नहीं है और ये किसी अंदर के आदमी का ही काम है.

समाचार पत्र लीक हुई रिपोर्ट के आधार पर कह रहे हैं लोकायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में न केवल वर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा बल्कि जनता दल सेकुलर के एचडी कुमारस्वामी का भी नाम लिया है.

हालांकि जस्टिस हेगड़े अवैद्य खनन पर बनाई गई अपनी दूसरी रिपोर्ट, कल यानि शुक्रवार को राज्य सचिव को सौंपने वाले हैं, लेकिन बुधवार को मीडिया में ये रिपोर्ट लीक हो जाने के बाद ख़ासा राजनीतिक बवाल मच गया है.

राजनीतिक बवाल

कांग्रेस समेत वामपंथी दलों ने येदयुरप्पा के इस्तीफ़े की मांग की है.

सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा, "कर्नाटक के मुख्यमंत्री की पुरानी आदत रही है कि वे अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारते आए हैं. लोकायुक्त की रिपोर्ट में उन पर बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं. मुझे लगता है कि अपने कार्यकाल में उन्होंने सबसे ज़्यादा समय अपने आप को निर्दोष बताने में लगाया है...फिर चाहे वो लोकायुक्त के आरोप हों, आम जनता के और या फिर राजनीतिक गुटों के."

इस्तीफ़े की मांग के बीच भाजपा अपने मुख्यमंत्री के बचाव में उतर आई है. येदयुरप्पा पर लगे आरोपों का जवाब देने के बजाय भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए.

दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "लोकायुक्त की जो रिपोर्ट शुंगलु कमिटी पर आया था, तब हमारे ईमानदार प्रधानमंत्री ने कहा था कि जैसे ही वो रिपोर्ट आएगी, उसे सीबीआई को सौंप दिया जाएगा. लेकिन जैसे ही उस रिपोर्ट में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का नाम आया, तुरंत उस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया गया."

रिपोर्ट के अनुसार राजनेताओं और कई वरिष्ठ अधिकारियों को अवैध खनन से लाभ मिला है.

इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि वो किसी भी तरह की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

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