भाजपा नेताओं ने दबाव डाला: हेगड़े

येदियुरप्पा(फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption लोकायुक्त ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके पास येदुरप्पा और दूसरे मंत्रियों के खिलाफ़ पुख़्ता सुबूत मौजूद हैं

कर्नाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने बीबीसी से कहा है कि राज्य में अवैध खनन मामले में उनकी रिपोर्ट में से मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का नाम हटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के राज्य स्तरीय नेताओं ने उनसे संपर्क किया था.

हेगड़े का कहना है कि भाजपा नेता धनंजय कुमार उनके घर आए थे और उनसे रिपोर्ट में मुख्यमंत्री येदुरप्पा का नाम नहीं लेने को कहा था.

‘वो मुझसे कह रहे थे कि मुख्यमंत्री का नाम मत लीजिए. मैं हँसा. मैने कहा कि मेरे ऊपर कोई दबाव काम नहीं करेगा. इसका कोई फ़ायदा नहीं होगा. उन्होंने मीडिया में कहा है कि वो लोकायुक्त में दर्ज किसी शिकायत पर निजी मुलाकात करने घर आए थे. अगर उन्हें आना था तो दफ़्तर में आना चाहिए था.’

हेगड़े ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि वे रिपोर्ट को सोमवार तक सौंप दें.

‘माफ़िया की तरह काम’

लोकायुक्त हेगड़े ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनके पास येदुरप्पा और दूसरे मंत्रियों के खिलाफ़ पुख़्ता सुबूत मौजूद हैं और ये पूरा काम माफ़िया की तरह चल रहा है.

उन्होंने कहा, "हमारे पास लौह अयस्क की अवैध ढुलाई, उसके अवैध निर्यात, टैक्स बचाने के लिए दाम कम करके दिखाना और वर्जित इलाकों में खनन से जुड़े कागज़ात मौजूद हैं. ये सब बहुत योजनाबद्ध तरीक़े से हो रहा है. इसकी शुरूआत स्थानीय लोगों से होती है और तार निर्यातकों तक जाते हैं."

उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं करती तो उच्चतम न्यायालय ज़रूर कार्रवाई करेगी.

फ़ोन टैपिंग

संतोष हेगड़े ने शक़ जताया कि उनका फ़ोन टैप हो रहा है.

उनके मुताबिक शायद यही कारण है कि राज्य में अवैध खनन पर रिपोर्ट के आधिकारिक रुप से पेश होने से पहले ही उसके अंश मीडिया में लीक हो गए.

उन्होंने कहा कि कई महीनों पहले उन्होंने फ़ोन पर कुछ खास बातें की थी, लेकिन वो बातें अख़बारों में आ गई थीं इसलिए उन्हें लगा कि किसी ने चैंबर में जासूसी के उपकरण लगाए हैं. इसकी जाँच करवाई गई.

उनका कहना था, "लोगों ने कहा कि कोई जासूसी उपकरण नहीं लगे हैं लेकिन हमें मालूम है कि आपका फ़ोन टैप हो रहा है."

हेगड़े ने कहा कि इस बारे में उन्होंने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई है. उनका कहना था, "मेरा कार्यकाल मात्र एक हफ़्ता बाकी है. अब पुलिस शिकायत दर्ज करवाने का क्या फ़ायदा."

हेगड़े ने कहा कि अवैध खनन से जुड़े भ्रष्टाचार से जुड़ी समस्या किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं, बल्कि सभी पार्टियों से इसके तार जुड़े हैं.

मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार हेगड़े ने अपनी रिपोर्ट मे कहा है कि सिर्फ़ 14 महीनों में अवैध खनन से कर्नाटक राज्य को लगभग 1800 करोड़ रुपयों का नुक़सान हुआ है.

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