'लोकायुक्त की सिफ़ारिश पर कार्रवाई होगी'

हंसराज भारद्वाज
Image caption इससे पहले हंसराज भारद्वाज की कार्रवाइयों को लेकर विवाद हुए हैं

कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने कहा है कि वे लोकायुक्त की रिपोर्ट में जो सिफ़ारिश की जाएगी उस पर कार्रवाई करेंगे.

उन्होंने कहा, "लोकायुक्त जो भी सिफ़ारिश करेंगे मैं उस पर कार्रवाई करुंगा, मैं इसके अलावा और कुछ नहीं करुंगा."

राज्यपाल के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री येदियुरप्पा की मुसीबत बढ़ती हुई दिख रही है.

दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा है कि रिपोर्ट में येदियुरप्पा का नाम आने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने अभी अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की है लेकिन लीक हुई रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस रिपोर्ट में अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का भी नाम लिया है और कहा है कि उनकी रिपोर्ट में इस बारे में पुख़्ता सबूत हैं.

रिपोर्ट लीक होने के बाद संतोष हेगड़े ने ये भी कहा है कि रिपोर्ट से मुख्यमंत्री का नाम हटाने के लिए भाजपा के नेताओं ने उन पर दबाव डाला था.

कार्रवाई के संकेत

बंगलौर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से हुई बातचीत में राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सोमवार को रिपोर्ट उन्हें मिल जाएगी.

उन्होंने कहा, "लोकायुक्त जो भी सिफ़ारिश करेंगे मैं उस पर गंभीरता से विचार करुंगा और जैसे ही मुझे रिपोर्ट मिलेगी मेरी कार्रवाई के बारे में आपको पता चल जाएगा."

उनका कहना है कि वे लोकायुक्त क़ानून की धारा 12 और 13 के तहत रिपोर्ट में की गई सिफ़ारिशों पर कार्रवाई कर सकते हैं.

ये पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, राज्यपाल ने कहा, "दो दिन बाद आपको सब पता चल जाएगा. अभी अनुमान मत लगाइए. वे एक निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं. जब तक मैं रिपोर्ट नहीं देख लेता पर उनके बाबारे में क्या कह सकता हूँ?."

इस्तीफ़े की मांग

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Image caption येदियुरप्पा कहते रहैं कि अवैध खनन के मामले से उनका कोई ताल्लुक़ नहीं है

दूसरी ओर कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "ऐसा प्रतीत होता है कि अब भाजपा को आत्ममंथन के बाद ये फ़ैसला करना पड़ेगा कि वह लोकायुक्त के निर्णय के बाद सच को स्वीकार कर ले. भाजपा को इस पर नैतिकता के आधार पर फ़ैसला करना चाहिए. ये भ्रष्टाचार का मामला है और ये गंभीर है."

समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि उन्होंने सीधे सवालों को टाल दिया कि क्या मुख्यमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए लेकिन उन्होंने जो कहा कि जो कह रहे हैं उसका अर्थ स्पष्ट है.

उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि एक ओर तो सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय मंत्री का इस्तीफ़ा मांगते हुए वे संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे थे और दूसरी ओर वे अपने मुख्यमंत्री के मामले में उन्ही मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं.

उधर भाजपा ने इस मामले में कहा है कि अभी तो लोकायुक्त ने रिपोर्ट भी नहीं सौंपी है और उस पर कार्रवाई की बात की जा रही है.

भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने मीडिया रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए कहा कि अभी तो लोकायुक्त अपनी रिपोर्ट पूरी नहीं की है.

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