येदियुरप्पा का 'नाम हटाने' का दबाव: हेगड़े

जस्टिस संतोष हेगड़े
Image caption हेगड़े के अनुसार भाजपा नेताओं ने रिपोर्ट में से मुख्यमंत्री का नाम हटाने का दबाव डाला था

कर्नाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने कहा है कि राज्य में अवैध खनन मामले में उनकी रिपोर्ट में से मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का नाम हटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के राज्य स्तरीय नेताओं ने दबाव डालने की कोशिश की थी.

संतोष हेगड़े ने राज्य में अवैध खनन मामले में जो रिपोर्ट बनाई है वो आधिकारिक रुप से पेश होने से पहले ही मीडिया में लीक हो गई है.

मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार हेगड़े ने अपनी रिपोर्ट मे कहा है कि सिर्फ़ 14 महीनों में अवैध खनन से कर्नाटक राज्य को लगभग 1800 करोड़ रुपयों का नुक़सान हुआ है.

रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ज़िम्मेदार हैं.

जस्टिस हेगड़े ने कहा कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ ठोस और व्यापक सबूत दिए हैं.

लेकिन इस मामले में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कुछ और भी चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए.

एक निजी भारतीय न्यूज़ चैनल सीएनएन-आईबीएन को दिए इंटरव्यू में जस्टिस हेगड़े ने कहा कि बीजेपी सांसद धनंजय कुमार ने उन पर रिपोर्ट में से मुख्यमंत्री येदियुरप्पा का नाम हटाने का दबाव डाला था.

हेगड़े के मुताबिक़ सांसद धनंजय कुमार कुछ और लोगों के साथ उनके घर आए और रिपोर्ट में से मुख्यमंत्री का नाम हटाने के लिए कहा.

ग़ौरतलब है कि धनंजय कुमार ने जस्टिस हेगड़े के घर जाने और उनसे मिलने की बात तो स्वीकार की है लेकिन लोकायुक्त पर रिपोर्ट बदलने के लिए दबाव डालने की बात से इनकार किया है.

इसके जवाब में जस्टिस हेगड़े ने कहा कि अगर किसी का कोई काम होता है तो वे चैंबर में आता है, घर में नही.

जस्टिस हेगड़े का कहना था, ''अगर किसी केस के मामले में धनंजय कुमार को मुझसे मिलना था तो वे मेरे चैंबर में आ सकते थे. इसके लिए उन्हें कुछ और लोगों के साथ मेरे घर आने की क्या ज़रूरत थी जो मुझे पहले से जानते थे. ज़ाहिर है वो उनके ज़रिए मुझ पर दबाव डालना चाहते थे.''

जस्टिस हेगड़े ने कहा कि जिस केस का ज़िक्र धनंजय कुमार कर रहे हैं उस सिलसिले में वे पहले मुझसे कई बार मेरे चैंबर में मिल चुके है.

'फ़ोन टैपिंग'

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Image caption येदियुरप्पा के बारे में भाजपा कह चुकी है कि उन्होंने जो कुछ किया वह अनैतिक था

एक और चौंकाने वाले ख़ुलासे में जस्टिस हेगड़े ने कहा कि उनके फ़ोन टैप किए जा रहे थे.

उन्होंने कहा, ''केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के दफ़्तर में जासूसी की ख़बर के बाद मैंने भी अपने दफ़्तर की जांच करवाई. उसी से मुझे पता चला कि मेरे फ़ोन टैप किए जा रहें हैं. विशेषज्ञ ने मुझे बताया कि आपका टेलिफ़ोन टैप किया गया है. दो सूत्रों से सब कुछ रिकार्ड किया जा रहा था.''

हेगड़े ने कहा कि वह टैपिंग के बारे में कहां, कौन और अन्य चीज़ों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते लेकिन वह आश्वस्त हैं कि टैपिंग की गई.

उनके अनुसार यह जानकारी उन्हें पिछले तीन चार महीनों में मिली.

उम्मीद है कि जस्टिस हेगड़े अपनी रिपोर्ट शुक्रवार या अगले सप्ताह सोमावार को सौंप देंगे.

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