'ले जाएं दिल्ली से दूर'

नरसिम्हा राव
Image caption मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री का पद देने वाले नरसिम्हा राव ही थे.

प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार और आर्थिक जगत के अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड के संपादक संजय बारू ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने पूर्व प्रधान मंत्री नरसिम्हा राव की मौत के बाद उनके परिवार पर 'दबाव' बनाने की कोशिश की थी कि राव का अंतिम संस्कार दिल्ली की बजाए हैदराबाद में हो.

संजय बारू ने कहा कि कांग्रेस की ओर से उनके पास ये सिफारिश आई थी कि वो नरसिम्हा राव के पुत्रों को इस बात के लिए राज़ी करें कि वो राव का शव हैदराबाद ले जाएं और उनका अंतिम संस्कार वहीं किया जाए.

सोनिया गांधी और नरसिम्हा राव के तनावपूर्ण रिश्तों के चलते पूर्व प्रधानमंत्री से संबंधों को लेकर हमेशा असहज रहनेवाली कांग्रेस के लिए संजय बारू का ये बयान उस असहजता को और बढ़ाएगा, ख़ासतौर पर तब जब आंध्र प्रदेश में पैदा हुई राजनीतिक स्थिति के कारण कांग्रेस को नरसिम्हा राव की याद फिर से आने लगी है.

नरसिम्हा राव का ताल्लुक आंध्र प्रदेश से था और वो वहां के मुख्यमंत्री भी रहे थे.

इन दिनों पूर्व मुख्य मंत्री राजशेखर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डी और तेलंगाना के हालात के चलते काग्रेंस को राज्य में अपनी स्थिति कमज़ोर होती दिख रही है.

संबंध ख़राब हुए

साल 1991 से 1996 के बीच भारत के प्रधानमंत्री रहे नरसिम्हा राव से सोनिया गांधी के संबंध ख़राब हो गए थे और कहा तो यहां तक जाता है कि उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार को कांग्रेस से किनारे करने की कोशिश भी की थी.

संजय बारू ने ये बात लेखक और वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार रशीद किदवई की किताब - 24 अकबर रोड, के विमोचन के दौरान कही.

कांग्रेस के 'उत्थान और पतन' के संक्षिप्त लेकिन दिलचस्प इतिहास का विवरण करते 24 अकबर रोड के विमोचन के लिए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर और कांग्रेस के दूसरे नेता मौजूद थे.

राजदीप सरदेसाई, जिन्होंने पुस्तक की प्रस्तावना लिखी है, बातचीत की शुरूआत ये कहते हुए की कि ये अजीब विडंबना है कि किताब का विमोचन ठीक उसी दिन हो रहा है जिस दिन नरसिम्हा राव सरकार के वित्त मंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधारों की शुरुआत की थी.

बाद में राजदीप सरदेसाई ने दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर से पूछा कि आख़िर क्या वजह है कि कांग्रेस पार्टी नरसिम्हा राव के योगदान को हमेशा दरकिनार करने की कोशिश करती है.

जवाब में मणिशंकर अय्यर ने माना कि बाबरी मस्जिद मामले में नरसिम्हा राव की भूमिका को लेकर पार्टी में असहजता है लेकिन वो ये मानने को तैयार नहीं थे कि पूर्व प्रधान मंत्री की किसी भी तरह से अनदेखी की जाती है.

संजय बारू का बयान इसी संदर्भ में था जिसमें उन्होंने उस वाक़ये को दुहराया जिसमें कांग्रेस ने उनके माध्यम से नरसिम्हा राव के परिवार को राज़ी करने की कोशिश की थी.

तेईस दिसंबर 2004 को दिल्ली में मृत हुए नरसिम्हा राव का अंतिम संस्कार हैदराबाद में किया गया था.

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