'हाईकमान को थी कर्णाटक घोटाले की जानकारी'

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Image caption बीजेपी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए मुहिम चलाती रही है.

भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष शांता कुमार ने बयान दिया है कि उन्होंने कर्णाटक सरकार में जारी भ्रष्टाचार से पार्टी हाईकमान को बहुत पहले ही अवगत कराया था लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई से पानाजी में बात करते हुए शांता कुमार ने कहा, "कर्णाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े जो कह रहे हैं उन सबकी जानकारी मुझे पहले से थी ... मैंने हाईकमान को इसकी इत्तला भी दी थी लेकिन मेरी शिकायत पर कोई कारवाई नहीं की गई."

"मैंने हाईकमान से कहा था कि अगर येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ कारवाई नहीं होती है तो मुझे कर्णाटक की ज़िम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाए. लोकायुक्त की रिपोर्ट इस क़दर आलोचनात्मक है कि पार्टी को मुख्य मंत्री के ख़िलाफ़ ज़रूर कारवाई करनी चाहिए."

लोकायुक्त रिपोर्ट

इस बीच ख़बर है कि परिवार के साथ छुट्टियों के लिए मॉरीसश गए कर्णाटक के मुख्य मंत्री बीएस येदियुरप्पा सोमवार सुबह बैंगलोर वापस पहुंच रहे हैं.

हाल में मीडिया में लीक हुई रिपोर्ट के कथित अंश के आधार पर दावा किया गया है कि लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने अपनी रिपोर्ट में खनन घोटाले में मुख्य मंत्री के शामिल होने की बात कही है.

लोकायुक्त ने ये भी कहा है कि येदियुरप्पा का नाम रिपोर्ट से हटाने के लिए उनपर दबाव बनाया गया था और उनके फ़ोन भी टैप किए जा रहे हैं.

ख़बर है कि लोकायुक्त की 9,000 पन्नों की रिपोर्ट इसी हफ़्ते राज्य सरकार को सौंपी जाएगी.

लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने कहा है कि वो अपनी रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव को सौंपेगे.

पीटीआई को दिए गए बयान में शांता कुमार ने ये भी कहा कि हाल में मुख्य मंत्रियों की एक बैठक में ये तय किया गया था कि पार्टी भ्रष्टाचार का विरोध करेगी.

उन्होंने कहा कि कर्णाटक जहां खनन क्षेत्र में भ्रष्टाचार मामले में मुख्य मंत्री का नाम लिया जा रहा है, से पार्टी की छवि धुमिल हो रही है.

बीजेपी की उलझनें

शांता कुमार का नया बयान बीएस येदयुरप्पा के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले पर पहले ही दबाव झेल रही बीजेपी की उलझनों को और बढ़ाएगा.

चंद दिनों पहले शांता कुमार ने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को एक चिट्ठी लिखकर येदियुरप्पा को हटाए जाने की मांग की थी.

बीजेपी केंद्र की कांग्रेस नेतृत्ववाली मनमोहन सिंह सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करती रही है.

जिसके जवाब में कांग्रेस का कहना है कि उसने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपने कई मंत्रियों और वरिष्ठ कार्यक्रताओं के ख़िलाफ़ कारवाई की है जबकि बीजेपी रिश्वतख़ोरी के मामले पर दोहरी नीति अपना रही है.

पार्टी में बीएस येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ बनते माहौल को देखते हुए मुख्य मंत्री के विरोधी गुट के कुछ क्षेत्रीय नेताओं की गतिविधियां तेज़ हो गई हैं.

कहा जा रहा है कि कर्णाटक के ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टर और बीजेपी के केंद्रीय महासचिव अनंत कुमार ने एक बैठक की है.

इस बीच राज्य में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं ने गर्वनर एचआर भारद्वाज से मुलाक़ात कर मुख्य मंत्री के ख़िलाफ़ कारवाई करने की मांग की है.

एचआर भारद्वाज ने कहा है कि वो लोकायुक्त की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस मामले पर राष्ट्रपति को अपनी सलाह भेज सकते हैं.

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