'प्रधानमंत्री और चिदंबरम इस्तीफ़ा दें'

गडकरी
Image caption नितिन गडकरी ने सरकार पर कई आरोप लगाए

2-जी स्पैक्ट्रम मामले में ए राजा की टिप्पणी के बाद विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर हल्ला बोल दिया है. भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम के त्यागपत्र की मांग की है.

नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि ए राजा ने अदालत में जो भी कहा है कि उससे स्पष्ट हो जाता है कि 2-जी स्पैक्ट्रम को लेकर जो भी फ़ैसले हुए, वे सब प्रधानमंत्री और तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मौजूदगी में हुए.

उन्होंने कहा, "हम शुरू से ही ये कहते आ रहे थे कि इस घोटाले में सरकार के किसी एक मंत्री की भूमिका नहीं है. अब राजा की टिप्पणी के बाद ये स्पष्ट हो चुका है."

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम के त्यागपत्र की मांग करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि वे अब ये जानना चाहते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भ्रष्टाचार के मामले में क्या रुख़ अपनाती हैं.

स्पष्ट करें सोनिया गांधी

उन्होंने कहा, "मैं सोनिया जी से ये पूछना चाहता हूँ कि इस प्रकरण में शामिल दोनों नेताओं पर वे क्या कार्रवाई करेंगी. क्योंकि इन दोनों ने राजनीतिक, वैधानिक और नैतिकता के आधार पर पद पर बने रहने का अधिकार गँवा दिया है."

दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भाजपा की मांग को ख़ारिज करते हुए कहा है कि विपक्ष एक अभियुक्त की बात पर इस्तीफ़े की मांग कर रहा है.

उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जाँच चल रही है और कुछ भी साबित नहीं हुआ है और भाजपा त्यागपत्र की कैसे मांग कर सकती है.

कपिल सिब्बल ने कहा, "भाजपा की मांग दुर्भाग्यपूर्ण है. एक अभियुक्त अपने बचाव में कुछ भी कह सकता है."

कांग्रेस ने भी भारतीय जनता पार्टी की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भाजपा की मांग को ठुकराते हुए कहा कि एक अभियुक्त के बयान पर ऐसी मांग करना बेकार है.

उन्होंने कहा कि मामला अदालत के विचाराधीन है और सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी और अब आरोप तय करने के लिए बहस हो रही है.

मनीष तिवारी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के मामले पर भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें कई शीर्ष लोग शामिल हैं, इसलिए पार्टी येदियुरप्पा पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही.

दूसरी ओर नितिन गडकरी ने कहा कि भाजपा ने पहले ही सीबीआई से मिलकर ये मांग की थी कि वह उस समय के वित्त मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका की जाँच करे और अब ए राजा ने इसे स्पष्ट कर दिया है कि दोनों की क्या भूमिका थी.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ये हिंदुस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैंडल है और सीएजी ने कहा है कि इसमें एक लाख 76 हज़ार करोड़ का घोटाला हुआ है.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने ये निर्णय लिया था कि 2-जी स्पैक्ट्रम का निर्णय वित्त मंत्रालय की अनुमति से हो और ओपन ऑक्शन हो.

लेकिन बाद में वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ओपन ऑक्शन को कैसे रद्द कर दिया और चिदंबरम ने कोई कार्रवाई नहीं की.

येदियुरप्पा मामला

नितिन गडकरी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा के मामले पर कहा कि उनकी येदियुरप्पा से बातचीत हुई है और उन्होंने कहा है कि पार्टी जो भी फ़ैसला करेगी, उस निर्णय का वे पालन करेंगे.

Image caption येदियुरप्पा ने फ़िलहाल इस्तीफ़ा देने से इनकार किया है

उन्होंने कहा कि लोकायुक्त संतोष हेगड़े की अभी आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आई है और रिपोर्ट आने के बाद वे दस्तावेज़ का अध्ययन करने के बाद इस पर कोई फ़ैसला करेंगे.

नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने मीडिया में आई लीक रिपोर्ट के बारे में पढ़ा है, लेकिन जब तक आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आ जाती, वे कोई फ़ैसला नहीं करेंगे.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर अवैध खनन मामले में कई गंभीर आरोप लगे हैं और मीडिया में आई रिपोर्टों के मुताबिक़ लोकायुक्त की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाए गए हैं.

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