येदियुरप्पा नहीं देंगे त्यागपत्र

येदियुरप्पा
Image caption येदियुरप्पा ने फ़िलहाल त्यागपत्र से इनकार किया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि अगर वे अवैध खनन के मामले में दोषी पाए गए, तो वे मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे. उन्होंने फ़िलहाल त्यागपत्र देने से इनकार कर दिया है.

लोकायुक्त की लीक रिपोर्ट के बाद येदियुरप्पा के त्यागपत्र की मांग बढ़ गई थी. बंगलौर में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने लोकायुक्त संतोष हेगड़े के फ़ोन टैपिंग के आरोपों को गंभीर बताया.

येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने फ़ोन टैपिंग के आरोपों की जाँच के लिए केंद्र से एक आयोग के गठन की मांग की है. उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी चिट्ठी लिखी है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी को भी पत्र लिखकर अपना पक्ष बताया है और उन्हें पार्टी अध्यक्ष के जवाब का इंतज़ार है.

निशाना

येदियुरप्पा ने 30 जुलाई को पार्टी के विधायकों और सांसदों से मिलकर अपना पक्ष रखने की भी बात कही है.

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह दक्षिण में भाजपा की पहली सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं. कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध खनन कांग्रेस के शासनकाल में शुरू हुआ था.

दूसरी ओर कांग्रेस ने येदियुरप्पा मामले पर भाजपा को आड़े हाथों लिया. मनीष तिवारी ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा, "सवाल ये नहीं है कि येदियुरप्पा भ्रष्टाचार की कावेरी हैं. आज सवाल ये है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी पर काबित क्यों है. इसका सीधा-साधी कारण तथाकथित रूप से ये संज्ञान में आता है कि जब अवैध खनन का कद्दू कर्नाटक में कटा था, तो भाजपा में ऊपर तक बँटा था."

लेकिन भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि लोकायुक्त की आधिकारिक रिपोर्ट आने पर ही पार्टी येदियुरप्पा के मामले पर कोई फ़ैसला करेगी.

पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि पार्टी को लोकायुक्त की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतज़ार है और फिर पार्टी कोई निर्णय करेगी.

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