प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

एक कंपनी ऐसी भी !

रोज़मर्रा की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में जितनी जद्दोजहद आगे निकलने की है उतना ही डर इस बात का भी है कि कहीं हम पीछे न छूट जाएं.

लेकिन आगे से आगे बढ़ने की होड़ में शायद ही कभी उन लोगों का ख्याल हमारे ज़ेहन में आता है जो शारीरिक रुप से विकलांग हैं और शायद इस दौड़ का हिस्सा भी नहीं.

सिटीज़न रिपोर्ट की इस कड़ी में मुलाक़ात गुजरात के निशीथ मेहता से जिन्होंने अपनी कंपनी के ज़रिए विकलांगों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक नायाब तरीक़ा इजाद किया है.