कर्नाटक: विधायकों से बातचीत जारी

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Image caption केंद्रीय पर्येवेक्षक अरूण जेटली, राजनाथ सिंह, वेंकैय्या और धर्मेंद्र प्रधान बंगलौर में कैंप किए हुए हैं.

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफ़े और उनका उत्तराधिकारी चुने जाने को लेकर स्थिति अभी भी साफ़ नहीं हो पाई है.

इस बीच भारतीय जनता पार्टी के विधायकों से केंद्रीय पर्यवेक्षकों से मुलाक़ात जारी है.

सूत्रों के अनुसार फ़िलहाल केवल वही विधायक पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मुलाक़ात कर रहें हैं जो ज़ाहिरी तौर पर मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के समर्थक नहीं माने जाते हैं.

शनिवार की शाम में येदियुरप्पा के क़रीबी समझे जाने वाले विधायक भी केंद्रीय पर्यवेक्षक अरुण जेटली, राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू और धर्मेंद्र प्रधान से मिलने वालें हैं लेकिन वो आख़िरकार मिलेंगे की नहीं ये कहना अभी मुश्किल है.

शनिवार को ही भाजपा विधायक दल की बैठक होने वाली थी लेकिन ये बैठक होगी या नहीं ये कहना भी मुश्किल है. पहले ये बैठक शुक्रवार को होने वाली थी लेकिन येदियुरप्पा समर्थक विधायकों के बाग़ी तेवर को देखते हुए इस बैठक को स्थगित कर दिया गया था.

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Image caption ख़बरों के मुताबिक़ येदियुरप्पा पार्टी सांसद और वोकलिंगा नेता सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं.

इस बीच येदियुरप्पा ने शनिवार की सुबह केंद्रीय नेताओं से मुलाक़ात की.

मुलाक़ात के बाद किसी ने भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इसलिए दावे के साथ ये कहना मुश्किल है कि उनकी मुलाक़ात में किन मुद्दों पर बातचीत हुई और कोई सहमति बन पाई या नहीं.

मीडिया में इस तरह की ख़बरें आ रहीं हैं कि पार्टी आलाकमान ने येदियुरप्पा की ज़्यादातर शर्तें मान ली हैं लेकिन बैंगलोर स्थित वरिष्ठ पत्रकार भास्कर हेगड़े का कहना है कि इस बात की पुष्टि करना मुश्किल है.

भास्कर हेगड़े के अनुसार पार्टी आलाकमान ने येदियुरप्पा को साफ़ तौर पर कह दिया है कि पहले वो अपना इस्तीफ़ा सौंपे उसके बाद ही उनकी किसी बात पर विचार किया जाएगा.

मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने से पहले पार्टी नेतृत्व के सामने कुछ शर्तें रखी हैं.

'येदियुरप्पा की शर्ते'

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Image caption येदियुरप्पा लोकायुक्त की ओर से लगाए गए आरोपों का खंडन करते हैं

वरिष्ठ पत्रकार भास्कर हेगड़े के अनुसार भाजपा के विश्वसनीय सूत्र कह रहें हैं कि येदियुरप्पा की चार मुख्य मांगे हैं.

येदियुरप्पा चाहते हैं कि पद छोड़ने के बाद उन्हें राज्य का भाजपा अध्यक्ष बनाया जाए.

उनकी दूसरी शर्त है कि अगला मुख्यमंत्री उनकी ही पसंद का हो. येदियुरप्पा ने तीसरी शर्त रखी है कि अनंत कुमार और जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री की रेस में शामिल नहीं किया जाए.

इसके अलावा येदियुरप्पा ने कैबिनेट में अपने समर्थकों के लिए जगह मांगी है. उनकी आख़िरी शर्त है कि पार्टी और सरकार के बीच तालमेल के लिए बनाई गई समन्वय समिति का अध्यक्ष उन्हें ही बनाया जाए.

हालांकि आधिकारिक तौर पर कैमरे के सामने सभी नेता यही कह रहें हैं कि इस मामले को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा.

येदियुरप्पा भी पहले कह चुके हैं कि वो 31 जुलाई को अपना इस्तीफ़ा दे देंगे.लेकिन पार्टी को अभी भी इस बात की आशंका है कि येदियुरप्पा अपने समर्थकों के ज़रिए कोई ना कोई राजनीतिक चाल चल सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को कर्नाटक के लोकायुक्त ने अवैध खनन पर पेश की गई अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके परिजनों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए थे और कहा था कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसके पर्याप्त सबूत दिए हैं.

इसके बाद भाजपा संसदीय दल ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाने का फ़ैसला किया था.

येदियुरप्पा ने कहा है कि वे 31 जुलाई को इस्तीफ़ा दे देंगे.

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