उत्तर प्रदेश में सैकड़ों गाँव बाढ़ग्रस्त

इलाहाबाद में बाढ़ इमेज कॉपीरइट AP
Image caption बारिश की वजह से गंगा और यमुना में भी बाढ़ आई है और इलाहाबाद के इलाक़े डूबे हुए हैं

उत्तर प्रदेश के तराई के इलाक़े में शारदा और घाघरा नदियों की बाढ़ से बहराइच, लखीमपुर खीरी, गोंडा और बाराबंकी ज़िलों के सैकड़ों गाँव पानी से घिर गए हैं.

बाराबंकी-गोंडा सीमा पर घाघरा नदी पर एल्गिन चरसरी बाँध में कटाव से आस-पास के गाँवों के लिए अब भी बाढ़ का ख़तरा मंडरा रहा है.

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार घाघरा नदी अब भी पलिया, एल्गिन ब्रिज और अयोध्या में ख़तरे के निशान से ऊपर है, जबकि शारदा नदी में पानी घटने लगा है.

शारदा और घाघरा नदियों की बाद का पानी खीरी ज़िले के पलिया, बहराइच के नानपारा, महसी और क़ैसरगंज, बाराबंकी के राम नगर और गोंडा की करनैलगंज तहसीलों के गाँवों में तबाही मचा रहा है.

हज़ारों की तादाद में लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं. पीएसी के जवान राहत और बचाव कार्य में लोगों की मदद कर रहे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि बाराबंकी गोंडा सीमा पर एल्गिन ब्रिज–चरसरी बाँध की मरम्मत का काम जारी है.

घाघरा की तेज़ लहरों ने सोमवार को एल्गिन चरसरी तटबंध काट दिया था, जिससे आस-पास के गाँवों में कोहराम मच गया.

मायावती के निर्देश

सिंचाई मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी और मुख्य सचिव अनूप कुमार मिश्र शनिवार को ही चरसरी बाँध की कटान का मुआयना करने गए थे.

यह बाँध अभी कुछ सालों पहले ही बना था. सरकार ने इस बाँध के टूटने के संबंध में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर सरयू परियोजना-प्रथम फैजाबाद के मुख्य अभियंता डीएन सिंह तथा सिंचाई विभाग के चार अन्य अभियंताओं को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

सरकार की ओर से कहा गया है कि सिंचाई विभाग के इन सभी अभियंताओं को एल्गिन ब्रिज चरसरी तटबंध निर्धारित नक़्शे के अनुसार न बनवाने, बाढ़ नियंत्रण कार्यों में लापरवाही और बंधे की सुरक्षा के प्रति ध्यान न देने के कारण निलंबित किया गया है.

लेकिन विपक्षी समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने बाँध टूटने के लिए सरकार को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया है कि घटिया निर्माण के कारण बाँध टूटा.

उधर सरकार की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री मायावती ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर क्षतिग्रस्त बाँध की मरम्मत कराने और बाढ़ पीड़ित लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.

लेकिन बहराइच के महसी क्षेत्र में बाढ़ग्रस्त गाँवों का दौरा करके लौटे एक पत्रकार का कहना है कि सरकारी मशीनरी अभी ज़रूरतमंद लोगों तक नही पहुँच पा रही है.

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