सरकार महंगाई पर बहस के लिए तैयार

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Image caption मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी दोनों सदनों में विपक्ष के विरोध की वजह से कोई कामकाज नहीं हो सका.

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी कोई कामकाज ना होने के बाद सरकार ने महंगाई पर चर्चा और फिर मतदान की विपक्ष की मांग मान ली है.

सरकार की ओर से संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल ने पत्रकारों को बताया, "हम नियम 184 और 167 के तहत चर्चा के लिए तैयार हैं और क्योंकि सभी महंगाई से चिंतित है, तो मेरे ख़्याल से सरकार को इस चर्चा से फायदा ही होगा".

मंगलवार को लोकसभा और राज्य सभा में भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के घटक दलों ने प्रश्नकाल स्थगित कर महंगाई पर विशेष चर्चा की मांग की थी.

लोक सभा में नियम 184 के तहत और राज्य सभा में नियम 167 के तहत चर्चा की मांग की गई थी. इन दोनों नियमों के तहत तय किए मुद्दे पर बहस के बाद मत विभाजन होता है.

पवन कुमार बंसल ने कहा कि सरकार सिर्फ़ चर्चा करना चाहती थी, मत विभाजन नहीं, लेकिन सदन की कार्रवाई ठप होने की वजह से उसे अपना पक्ष बदलना पड़ा और वो विपक्ष की मांग मान गई है.

दोनों सदनों में हंगामा

मंगलवार को मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी दोनों सदनों में विपक्ष ने महंगाई पर चर्चा की मांग के साथ हंगामा किया और कोई कामकाज नहीं हो सका.

लोकसभा के दो सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद जब प्रश्नकाल का काम शुरू करने की कोशिश की गई तो विपक्षी नेता प्लेकार्ड लिए अध्यक्ष की कुर्सी के नज़दीक आ गए और नारे लगाने लगे. जिसके बाद अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन को बारह बजे तक स्थगित कर दिया.

सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तो कुछ दस्तावेज़ों के सदन के पटल पर रखे जाने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और शिव सेना के नेताओं के विरोध के चलते लोक सभा को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

ये सांसद महंगाई के अलावा नए भूमि अधिग्रहण क़ानून के जल्द लाए जाने की मांग भी कर रहे थे.

इस बीच सीपीएम पोलितब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने संसद से बाहर आकर पत्रकारों से कहा कि वाम पार्टियों ने कुछ अन्य धर्मनिरपेक्ष विपक्षी पार्टियों के साथ ये तय किया है कि वो लोक सभा में स्थगन प्रस्ताव के तहत और राज्य सभा में नियम 167 के तहत महंगाई और भ्रष्टाचार पर चर्चा चाहते हैं.

येचुरी ने कहा, "मुझे उम्मीद है पिछले सत्र की तरह इस बार नहीं होगा और सरकार हमारी मांग मानकर जनता के प्रति अपनी जवाबदेही के तहत सदन में जवाब देगी."

राज्य सभा में भी प्रश्नकाल शुरू होते ही महंगाई पर चर्चा की मांग के साथ विपक्ष ने हंगामा किया जिसके बाद राज्य सभा के सभापति ने सदन की बैठक पहले बारह बजे तक और फिर दो बजे तक स्थगित कर दी.

लोक सभा में खेल मंत्री अजय माकन ने राष्ट्रमंडल खेलों पर अपना बयान देना चाहा, लेकिन हंगामे के चलते चर्चा होने के बजाय बयान सिर्फ सदन के पटल पर रखा गया.

लेकिन दो बजे भी विपक्ष का विरोध जारी रहा और दोनों सदनों की बैठक बुधवार के लिए स्थगित कर दी गई.

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