शीला तत्काल इस्तीफ़ा दें: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने शीला दीक्षित से तत्काल इस्तीफ़ा देने को कहा है.

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के तत्काल इस्तीफ़े की माँग की है.

भारतीय जनता पार्टी का कहना है जब कर्नाटक लोकायुक्त की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री का नाम शामिल होने के बाद येदियुरप्पा पद से इस्तीफा दे सकते हैं तो शीला दीक्षित क्यों नही.

भारतीय जनता पार्टी के सांसद तरूण विजय ने एक निजी टीवी चैनल से कहा, "राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाले की जाँच कर रही शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट में शीला दीक्षित पर गंभीर आरोप है. ये समिति सरकार द्वारा गठित की गई थी न कि भाजपा की ओर से. अब समय आ गया है कि वो इस्तीफ़ा देकर कार्रवाई का सामना करें."

उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में उन पर राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी कुछ परियोजनाओं के अनुबंध में अनियमितता के आरोप लगे हैं.

ये रिपोर्ट अभी संसद में पेश नहीं हुई है.

इस रिपोर्ट के आधार पर शीला दीक्षित पर हमला करते हुए तरुण विजय ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल पर करोड़ो लूटने वाले कलमाड़ी तो तिहाड़ जेल में हवा खा रहे हैं पर वह सिर्फ़ अकेले नही हैं , इस घोटाले में प्रधानमंत्री कार्यालय, शीला दीक्षित का कार्यालय भी शामिल है, अकले कलमाड़ी ऐसा नही कर सकते इसलिए बड़ी मछलियों का पकड़ा जाना भी उतना ही ज़रूरी है.

उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित ने न सिर्फ़ विदेशों में भारत का नाम शर्मशार किया, लूट को अंजाम दिया बल्कि इसे छिपाने की भी भरपूर कोशिश की.

बचाव

राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाले की जाँच कर रही शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट में शीला दीक्षित पर गंभीर आरोप है. ये समिति सरकार द्वारा गठित की गई थी न कि बीजेपी द्वारा. जब कर्नाटक लोकायुक्त की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री का नाम शामिल होने के बाद येदियुरप्पा पद से इस्तीफा दे सकते हैं तो शीला दीक्षित क्यों नही.

तरूण विजय,बीजेपी सांसद

इससे पहले विपक्षी दलों की ओर से कड़ी आलोचना का वार सह रहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बुधवार को अपने बचाव में कहा था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है. वो मौका आने पर सारे सवालों का जवाब देगीं.

उन्होंने देश और देश के लोगों के साथ कोई भी दगा नहीं किया है.

हर काम देशहित और देश की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए किए गए थे.

दिल्ली के मुख्य सचिव पीके त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का बचाव किया और कहा कि स्ट्रीट लाइटिंग प्रोजेक्ट में एक ख़ास कंपनी को फ़ायदा पहुँचाने का आरोप बिल्कुल ग़लत है. पौधों के गमले ख़रीदने में भी कोई अनियमितता नहीं थी और न ही मुख्यमंत्री इन मामलों में शामिल थी."

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी और कई अधिकारी तिहाड़ जेल में हैं.

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