यशवंत सिन्हा के बयान पर हंगामा

लोक सभा में अजय माकन के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ और बार-बार इसकी कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

जैसे ही स्पीकर मीरा कुमार ने हिरोशीमा और नागासाकी में हुए परमाणु हमलों के बारे में अपनी बात ख़त्म की, भारतीय जनता पार्टी और शिव सेना के सदस्यों ने शीला दीक्षित के ख़िलाफ़ नारे लगाने शुरु कर दिए.

संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि अगर विपक्ष का यही रवैया है तो सदन की कार्यवाही स्थगित कर देनी चाहिए.

मामला तब ज़्यादा गर्माया गया जब भारतीय जनता पार्टी के नेता यशवंत सिन्हा ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और अजय माकन पर कुछ टिप्पणी कर दी.अजय माकन इस टिप्पणी से काफ़ी नाराज़ हो गए. कांग्रेस ने कहा कि यशवंत सिन्हा को माफ़ी माँगने चाहिए.

लेकिन उन्होंने अपना बयान वापस लेने से इनकार कर दिया.. यशवंत सिन्हा का कहना था कि उन्होंने संसदीय प्रक्रिया के बाहर जाकर कुछ भी नहीं कहा.

जंतर-मंतर पर तोड़-फोड़

इसके बाद कार्यवाही शाम पाँच बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. लेकिन शुरु होते ही विपक्ष के सदस्य नारेबाज़ी करते हुए सदन के गृभगृह तक आ गए.

शोरशराबे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.

इस बीच शाम को संसद के बाहर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हंगामा किया और पत्थर फ़ेंके. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और आँसू गैस बरसाई. बताया जा रहा है कि वहाँ खड़े कुछ मीडियाकर्मी भी इसकी चपेट में आ गए और हल्की फ़ुल्की चोट लगीं.

युवा भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं ने ऐसा कुछ नहीं किया था कि पुलिस को इस तरह हमला करना पड़े. जबकि पुलिस का कहना है कि पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी लेकिन भाजपा कार्यकर्ता बार-बार उसे तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

भाजपा युवा मोर्चा के नेता अनुराग ठाकुर को हिरासत में ले लिया गया है.

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