दिल्ली पुलिस की शर्तें अन्ना को मंज़ूर नहीं

अन्ना हजा़रे (फ़ाइल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट AFP

अन्ना हज़ारे और उनके सहयोगियों ने कहा है कि वे दिल्ली के जयप्रकाश नारायण पार्क में 16 अगस्त से अनशन करेंगे लेकिन उन्हें दिल्ली पुलिस की शर्तें मंज़ूर नहीं हैं.

उनका कहना है कि अनशन को तीन दिनों और पाँच हज़ार लोगों तक सीमित रख पाना संभव नहीं है.

अन्ना हज़ारे ने अनशन के लिए शर्तें रखे जाने के लिए सरकार पर धोखेबाज़ी का आरोप लगाया है और उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें 'हिम्मत' दिखानी चाहिए.

अन्ना की चिट्ठी: लोकतंत्र की हत्या का आरोप

लोकपाल विधेयक में प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को शामिल करने और इसे और सख़्त बनाने की मांग को लेकर अन्ना हज़ारे ने 16 अगस्त से अनशन पर जाने की घोषणा की है.

इसके लिए पहले तो दिल्ली पुलिस ने अन्ना हज़ारे की टीम को उनकी पसंद पर अनशन करने की अनुमति नहीं दी. फिर जब जयप्रकाश पार्क पर सहमति बनी तो दिल्ली पुलिस ने अन्ना की टीम के सामने 22 शर्तें रख दी हैं.

अन्ना हज़ारे ने अप्रैल में भी अनशन किया था और इसके बाद सरकार ने अन्ना की टीम के साथ बैठकर लोकपाल विधेयक का प्रस्ताव तैयार किया और उसे संसद में पेश भी कर दिया है.

हालांकि अन्ना हज़ारे और उनके साथियों ने सरकार के लोकपाल विधेयक को ख़ारिज कर दिया है और जगह-जगह उसकी प्रतियाँ जलाई हैं.

'सरकार डरी हुई है'

शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनके अनशन में बाधा डालने का फ़ैसला करती है तो वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं और वे इसके लिए जेल भी जा सकते हैं.

उन्होंने कहा, "अनशन जयप्रकाश नारायण पार्क में होगा. हम तीन दिन के बाद भी अनशन जारी रखेंगे...सरकार डरी हुई है कि उसके भ्रष्टाचार का पर्दाफ़ाश हो जाएगा."

वे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वे जेल में अनशन करेंगे और इस बात को उन्होंने शनिवार को भी दोहराया.

अन्ना हज़ारे ने कहा कि देश भर में लाखों लोग इस अनशन के साथ आने को तैयार हैं और ये कह रहे हैं कि पाँच हज़ार से ज़्यादा लोग न आएँ.

जब उनसे पूछा गया कि तीन दिन के बाद क्या होगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "आप देख लेना हल निकल जाएगा."

उन्होंने कहा, "देश जनता और युवाओं का बलिदान मांग रहा है तो देश और युवाओं को तैयार हो जाना चाहिए."

पूर्व न्यायमंत्री शांति भूषण ने कहा, "दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया है कि हम ये लिखकर दें कि अनशन तीन दिन में ख़त्म हो जाएगा और वहाँ पाँच हज़ार से अधिक लोग नहीं आएंगे. ये असंवैधानिक है."

वहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे दिल्ली पुलिस को ये लिखकर देने को तैयार हैं कि वहाँ पानी और शौचालय आदि का इंतज़ाम वे करेंगे. लेकिन बाक़ी शर्तें उन्हें मंज़ूर नहीं हैं.

सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि अन्ना हज़ारे व्यर्थ ही अनशन कर रहे हैं.

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