अन्ना सात दिनों की न्यायिक हिरासत में

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दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने अन्ना हज़ारे और उनके कुछ समर्थकों को शांति भंग होने की आंशका की वजह से गिरफ़्तार किया गया है.

अन्ना हज़ारे को विशेष अदालत में पेश किया गया है जहाँ निजी मुचलका देने से इनकार करने के बाद उन्हें सात दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

जबकि दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे क़रीब 1400 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

कौन हैं अन्ना हज़ारे?

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में मंगलवार, 16 अगस्त से ही आमरण अनशन शुरु करने वाले थे लेकिन दिल्ली पुलिस की शर्तें न मानने के बाद उन्हें अनशन के लिए जगह नहीं मिल पाई थी.

इसके बाद भी वे अनशन शुरु करना चाहते थे.

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि किसी संज्ञेय अपराध की आशंका और शांति भंग की आशंका को देखते हुए अन्ना हज़ारे, अरविंद केजरीवाल और उनके पाँच अन्य सहयोगियों को धारा 107, 151 के तहत गिरफ़्तार कर लिया गया.

इन लोगों को मयूर विहार स्थित उनके निवास से गिरफ़्तार किया गया था.

इसके अलावा अन्ना हज़ारे की टीम के दो अन्य सदस्य किरण बेदी और शांति भूषण को हिरासत में लिया गया है.

कमिश्नर बीके गुप्ता के अनुसार किरण बेदी और शांति भूषण सहित क़रीब 14 सौ लोगों को धारा 255 के तहत हिरासत में लिया गया है.

मशहूर वकील और लोकपाल मसौदा समीति के सदस्य प्रशांत भूषण ने कहा है कि वो अन्ना हज़ारे की हिरासत के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

अन्ना हज़ारे की गिरफ़्तारी के बाद संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ है और कोई कामकाज नहीं हो सका.

इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और जगह-जगह लोगों ने गिरफ़्तारियाँ दी हैं.

शांति पूर्ण प्रदर्शन

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने इसका ब्यौरा दिया कि किन परिस्थितियों में अन्ना हज़ारे और उनकी टीम को अनशन करने के लिए जगह देने से इनकार किया गया.

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Image caption दिल्ली में जगह-जगह लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है

उनका कहना है कि क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से ही क़दम उठाए गए हैं.

अपने निर्णय का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि अन्ना हज़ारे की टीम के सामने भी वही शर्तें रखी गईं थीं जो किसी के भी सामने विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए रखी जाती हैं लेकिन अन्ना की टीम ने शर्तें मानने से इनकार कर दिया.

पुलिस कमिश्नर का कहना है कि अन्ना हज़ारे के समर्थन में हो रहे प्रदर्शन शांति पूर्ण रहे हैं और अब तक किसी भी तरह की हिंसा की कोई ख़बर नहीं है.

उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के नियंत्रण में लगी पुलिस को भी आदेश हैं कि वे प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह का बल प्रयोग न करें इसलिए अधिकारियों के नेतृत्व में तैनात पुलिस बल के पास लाठियाँ भी नहीं हैं.

उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में महिला पुलिस भी तैनात की गई है.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने इस बात से इनकार किया कि वे प्रदर्शनकारियों से अपराधियों की तरह व्यवहार कर रहे हैं. उनका कहना है कि आम नागरिकों को असुविधा न हो इसका ध्यान रखते हुए लोगों को सड़कों से हटाना पड़ा है.

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