'अन्ना पर कार्रवाई पीड़ादायक कर्तव्य'

कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम ने पत्रकारों को संबोधित किया

केंद्र सरकार ने कहा है कि अन्ना हज़ारे के ख़िलाफ़ कार्रवाई एक पीड़ादायक कर्तव्य है. केंद्र सरकार के तीन मंत्रियों पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल और अंबिका सोनी ने पत्रकारों को संबोधित किया.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार इस कार्रवाई से ख़ुश नहीं है लेकिन अन्ना की टीम ने दिल्ली पुलिस की शर्तों को मानने से मना कर दिया था.

चिदंबरम ने बताया, "दो अगस्त को अन्ना की टीम ने दिल्ली पुलिस को एक महीने के अनशन का आवेदन दिया था. दिल्ली पुलिस और आवेदकों के बीच विचार-विमर्श के बाद जय प्रकाश नारायण पार्क पर सहमति बनी, लेकिन इसके साथ कई शर्तें थी."

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के पहले के फ़ैसले और दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने शर्तें रखी थी, लेकिन अन्ना की टीम ने शर्तों को मानने से इनकार कर दिया.

फ़ैसला

बाद में पुलिस ने फ़ैसला किया कि अन्ना की टीम को अनशन की अनुमति नहीं दी जाएगी. लेकिन आयोजकों का कहना था कि वे आंदोलन करेंगे.

मंगलवार को पुलिस ने उनकी मंशा देखते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 151, 107 के तहत अन्ना हज़ारे और समर्थकों को गिरफ़्तार किया गया है.

गृह मंत्रालय का कहना है कि ये सरकार लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ नहीं है.

दूसरी ओर कपिल सिब्बल का कहना था कि अन्ना की टीम का ये कहना उचित नहीं कि वे किसी प्रतिबंध को नहीं मानेंगे.

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि ये पूर्वाग्रह ग़लत है कि सरकार भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ नहीं है.

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