अन्ना और सोशल मीडिया

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Image caption अन्ना के आंदोलन में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही.

अन्ना हज़ारे के आंदोलन में लोगों को एकजुट करने की दिशा में सोशल मीडिया ख़ासकर फेसबुक और ट्विटर का खासा इस्तेमाल हो रहा है.

अन्ना की रिहाई को लेकर बनी अनिश्चितता में लोग फेसबुक और टि्वटर के ज़रिए ही जानकारियां जुटा रहे हैं.

लोग इन माध्यमों पर न केवल सरकार के प्रति अपने गुस्से का इज़हार कर रहे हैं बल्कि लोकपाल और जनलोकपाल पर भी अच्छी ख़ासी बहस कर रहे हैं.

फेसबुक पर भ्रष्टाचार विरोधी लोगों ने सरकार को ही निशाने पर लिया है और मंत्रियों तक की आलोचना की है. उधर ट्विटर के ज़रिए अमरीका और ब्रिटेन में रह रहे लोग भी अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचा रहे हैं.

ट्विटर एक बार फिर प्रदर्शनकारियों और अन्ना समर्थकों का प्रिय हो गया है.

16 और 17 अगस्त को दुनिया भर में जितने ट्विट किए गए हैं उसमें अन्ना का विषय आठवें नंबर पर रहा.

ट्विटों में न केवल अन्ना के समर्थन में एकजुट होने की अपील की गई है बल्कि प्रधानमंत्री को भी निशाने पर लिया गया है.

कई स्थानों पर छात्रों ने ट्विट कर के अपने साथियों से कॉलेजों का बहिष्कार करने की अपील की है तो कहीं कहीं फिल्म स्टारों ने ट्विट कर के लोगों से विरोध जताने की अपील की है.

फेसबुक पर एक पन्ना भी बना है इंडिया एगेनस्ट करप्शन जिसके ज़रिए लोगों को एकजुट किया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि मिस्र के तहरीर चौक पर हुए प्रदर्शनों में फेसबुक ने बड़ी भूमिका निभाई थी. हालांकि मिस्र में टीवी चैनलों पर प्रतिबंध था जबकि भारत में ऐसा नहीं है.

फेसबुक पर भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए अन्ना का समर्थन करें नाम से भी एक पन्ना है जिसे लाखों लोगों ने लाइक किया है.

अन्ना के समर्थकों ने यूट्यूब का भी इस्तेमाल किया है. वीडियो शेयर करने वाली इस वेबसाइट के ज़रिए अन्ना हज़ारे के नाम पर करीब 500 वीडियो देखे जा सकते हैं जो विभिन्न टीवी चैनलों से लिए गए हैं.

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