जज के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव

राज्य सभा में सौमित्र सेन इमेज कॉपीरइट PTI RS TV

कोलकाता उच्च न्यायालय के जस्टिस सौमित्र सेन के ख़िलाफ़ राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव पर बहस हो रही है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी और प्रशांत चटर्जी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण जेटली ने ये महाभियोग प्रस्ताव पेश किया.

जस्टिस सौमित्र सेन के ख़िलाफ़ पैसे की हेराफेरी और तथ्यों को ग़लत तरीक़े से पेश करने का आरोप है.

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी की अगुआई में तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में जस्टिस सेन को 'ग़लत व्यवहार' का दोषी ठहराया था.

इस समिति का गठन विभन्न पार्टियों के 47 सदस्यों के आवेदन के बाद राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने किया था.

प्रस्ताव

जस्टिस सेन ने ख़ुद अपना पक्ष रखा और अपना बचाव किया. नियमानुसार जज को हटाने के लिए एक ही सत्र में इस प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों में पारित होना आवश्यक है.

ऐसा माना जा रहा है कि राज्यसभा के बाद अगले सप्ताह लोकसभा में जस्टिस सेन के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा.

कांग्रेस और भाजपा ने इस प्रस्ताव के दौरान अपने सदस्यों को पेश रहने के लिए व्हिप जारी किए हैं.

राज्यसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब किसी जज को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया जा रहा है. वैसे इससे पहले लोकसभा में भी एक बार महाभियोग प्रस्ताव लाया जा चुका है.

वर्ष 1993 में जस्टिस वी रामास्वामी के ख़िलाफ़ लोकसभा में लाया गया महाभियोग प्रस्ताव गिर गया था, क्योंकि कांग्रेस सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया था.

जस्टिस वी रामास्वामी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के अलावा सुप्रीम कोर्ट के जज भी रह चुके हैं.

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