शेहला की हत्या पर सीबीआई जांच की मांग

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Image caption शेहला मसूद की हत्या मंगलवार को भोपाल में उनके घर के बाहर कर दी गई थी.

भोपाल की सामाजिक कार्यकर्ता शेहला मसूद की हत्या की गुत्थी उलझती जा रही है. प्रारंभिक जाँच में आत्म हत्या का अंदेशा जताने पर उनके पिता ने आपत्ति व्यक्त की है.

उनके पिता मसूद सुल्तान ने कहा, ”मेरी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या की गई है.” मसूद सुल्तान ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि इस हत्या की जांच सीबीआई से कराई जाएं.

शेहला मसूद की हत्या मंगलवार को उस समय कर दी गई थी जब वो अन्ना हजारे के समर्थन में शहर के बोट क्लब पर होने वाले हस्ताक्षर अभियान में शामिल होने के लिये अपनी कार से जा रही थी.

घर के सामने कार में बैठते ही उन्हें किसी ने गोली मार दी थी. उनकी मौत मौके पर ही हो गई थी.

भोपाल रेंज के आईजी शैलेंद्र श्रीवास्तव का कहना है, ”अभी हमारी जांच जारी है. हम सभी पहलूओं पर जांच कर रहे है. पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सारी बातें सामने आएंगी.”

भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिये पांच टीमों का गठन किया है.

एक अलग पहचान

शेहला मसूद ने पिछले कुछ सालों में अपनी एक अलग पहचान सूचना के अधिकार के तहत विभिन्न मामलों में अपनी आवाज़ उठाकर बनाई है.

उन्होंने पर्यावरण, पुलिस सुधार, बाघों के संरक्षण जैसे विषयों में सैकड़ों आरटीआई अर्जियां लगाई थीं, जिसकी वजह से उनके दुश्मनों की तादाद लगातार बढ़ रही थी.

उन्होंने बाघों की मौत का मामला जोर-शोर से उठाया था. बाधंवगढ़ टाईगर रिजर्व में हुई एक बाघ की मौत के मामलें में उन्होंने एक मंत्री और उनके भतीजे के ख़िलाफ मुहिम चलाई थी, वो उसकी जांच सीबीआई से कराना चाहती थी.

इसके अलावा शेहला हीरे की कंपनी रियो टिन्टो द्वारा प्रदेश के छतरपुर क्षेत्र में किए जा रहे अवैध उत्खनन का मामला भी उठाया था.

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और इंदौर के आईजी पवन श्रीवास्तव के विरुद्ध भी उन्होंने कई मामलें उठाए थे.

पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ शेहला की शिकायत

उन्होंने डीजीपी एसके राउत को एक शिकायत की थी, जिसमें लिखा था कि पवन श्रीवास्तव उन्हें दो सालों से परेशान कर रहे है और उन्हें उनसे जान का ख़तरा है. मगर इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

ट्विटर और फ़ेसबुक पर हमेशा सक्रिय रहने वाली शेहला मसूद ने फ़ेसबुक पर अपने आख़री संदेश में अन्ना हजारे के समर्थन में होने वाले हस्ताक्षर अभियान का ज़िक्र किया था.

इसके कुछ ही देर बाद घर से निकलते ही उनकी हत्या कर दी गई थी. बताया जाता है कि इस अभियान में वो कुछ आधिकारियों के भष्टाचार को सामने लाने वाली थी.

पुलिस उम्मीद कर रही है कि उनके लैपटॉप और मोबाइल से भी अहम जानकारी हासिल हो सकती है, जिससे उन्हें हत्यारों तक पहुंचने में आसानी होगी.

बताया जाता है कि लैपटॉप में सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी मौजूद है.

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