अन्ना पर भारी तेलंगाना आंदोलन

तेलंगाना (फ़ाइल)
Image caption तेलंगाना समर्थकों को अन्ना हज़ारे से अधिक समर्थन

जहाँ आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अन्ना हज़ारे के समर्थन में प्रदर्शनों और धरनों का सिलसिला आज दूसरे दिन भी जारी रहा, वहीं हैदराबाद और तेलंगाना क्षेत्र में अलग तेलंगाना राज्य के आंदोलन ने ऐसा लगता है कि हजारे के आंदोलन को पीछे धकेल दिया है.

इसका एक उदाहरण बुधवार को हैदराबाद के एक इंदिरा पार्क में देखने को मिला.

इंदिरा पार्क में तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के महाधरना कार्यक्रम में लगभग दस हज़ार लोगों की भीड़ थी. लेकिन उसी पार्क में "इंडिया अगेंस्ट करप्शन" के भूख हड़ताल शिविर में सौ से भी कम लोग मौजूद थे.

ये संख्या मंगलवार की तुलना में कहीं कम थी. हज़ारे के समर्थन में हैदराबाद में एक दूसरा कार्यक्रम विपक्षी दल तेलुगूदेसम ने आयोजित किया.

इस कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने सिकंदराबाद में महात्मा गाँधी की प्रतिमा के पास धरना दिया. लेकिन यातायात में बाधा डालने के लिए उन्हें और अन्य नेताओं को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया.

तेलुगूदेसम ने तेलंगाना विधान सभा क्षेत्रों में भी हज़ारे के समर्थन में प्रदर्शनों का आह्वान किया था लेकिन वहां कम ही लोगों ने प्रदर्शनों में भाग लिया.

तेलंगाना आंदोलन को कमज़ोर करने की कोशिश

उल्टा तेलंगाना में अब हज़ारे के आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति और अन्य संगठनों ने आरोप लगाया है कि हज़ारे के इस आंदोलन का आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों के उन नेताओं और व्यापारियों ने अपहरण कर लिया है जो हज़ारे के नाम पर तेलंगाना राज्य के आंदोलन को कमज़ोर करना चाहते हैं.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक प्रोफ़ेसर कोदंडा राम ने कहा कि उनकी समिति हज़ारे की लड़ाई का पूरा समर्थन करती है लेकिन आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू जैसे राजनेता उसका दुरुपयोग कर रहे हैं.

समिति के एक और नेता एम लक्ष्मैय्या ने कहा की ऐसे नेता, व्यापारी, पूंजीपति और ठेकेदार जो स्वयं भ्रष्ट है, हज़ारे के लिए लड़ने का दावा कर रहे हैं लेकिन उनका असल निशाना तेलंगाना आंदोलन को कमज़ोर करना है.

तेलंगाना राष्ट्र समिति के विधायक तारक रामाराव ने कहा कि जहाँ वो भ्रष्टाचार के विरुद्ध हज़ारे के आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं वहीं जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने के लिए कानून पर भी आन्दोलन चलाएं क्योंकि राजनेताओं ने तेलंगाना की जनता के साथ झूठे वादे करके धोखा किया है.

भारतीय जनता पार्टी के नेता बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार के विरुद्ध हज़ारे के साथ है लेकिन वो ऐसा तेलंगाना की क़ीमत पर नहीं करेगी.

तेलंगाना के पक्ष में छह सितंबर को होने वाली आम हड़ताल के लिए आयोजित महाधरना कार्यक्रम में तमाम वक्ताओं ने कांग्रेस और तेलुगु देसम को भी निशाना बनाया.

तेलंगाना समर्थक इस बात पर नाराज़ थे की त्यागपत्र देने वाले तेलंगाना के मंत्री कल कैबिनेट की बैठक में लौट गए. कोदंडा राम ने चेतावनी दी कि इस गद्दारी के लिए इन मंत्रियों को तेलंगाना की जनता सबक सिखाएगी.

उन्होंने मांग की कि तेलंगाना से कांग्रेस और तेलुगु देसम के विधायक तुरंत अपना त्यागपत्र दे दें.

इसी तरह उन्होंने कहा की तेलुगु देसम के तेलंगाना नेता भी जनता का साथ देने की बजाये अपने नेता चंद्रबाबू नायडू का भजन गा रहे हैं क्योंकि चंद्रबाबू नायडू तेलंगाना के विरोधी हैं.

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