नक्सली हमले में 11 लोगों की मौत

नक्सली
Image caption नक्सलियों और सुरक्षाकर्मियों में मुठभेड़ हुई

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर ज़िले में शुक्रवार की शाम माओवादी छापामारों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में 10 जवानों के मारे जाने की खबर है जबकि तीन जवान घायल बताए जाते हैं.

छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल अभियान) रामनिवास ने बीबीसी को बताया कि लगभग 45 जवान जो मुख्य रूप से ज़िला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल के थे, बीजापुर के भोपाल पटनम से भद्रकाली तक नियमित अभियान चला रहे थे. रामनिवास का कहना है कि इसी दौरान मेत्लाबेरू के पास पहले से ही घात लगाकर बैठे माओवादी छापामारों ने दल पर हमला कर दिया.

उन्होंने कहा, "इस दौरान कई मुठभेड़ें हुईं. पहली मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग गए. फिर उन्होंने गोलबंद होकर पुलिस दल पर हमला किया." अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने 10 जवानों के मारे जाने की पुष्टि की है. उनका कहना है कि एक आम नागरिक भी इस मुठभेड़ में मारा गया है जबकि पुलिस बल के तीन जवान घायल हुए हैं.

दावा

पुलिस ने दावा किया है कि उसने भी जवाबी कारावाई में 5-6 नक्सलियों को मार गिराया है. लेकिन घटनास्थल से माओवादियों का शव बरामद नहीं हो पाया है.

अभी यह पता नहीं चल पाया है कि मारे गए जवानों और घायल जवानों में कितने राज्य पुलिस के हैं और कितने केंद्रीय अर्धसैनिल बल के हैं.

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक आरएन दास का कहना है कि जब तक दल वापस जिला मुख्यालय नहीं आ जाता है तब तक कुछ भी बताना मुश्किल है.

वैसे प्रारंभिक ख़बरों के अनुसार पुलिस दल में ज़िला पुलिस बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल थे जो नियमित अभियान के तहत भोपालपटनम के पास जंगलों में 'एरिया डामिनेशन' में लगे हुए थे. सूत्रों का कहना है कि माओवादी छापामारों और जवानों के बीच लगभग एक घंटे से ज्यादा मुठभेड़ चली.

उनका कहना है कि रुक-रुक कर एक साथ कई मुठभेड़ें हुईं. बीजापुर में सूत्रों ने बताया है कि यह जवान भोपाल पटनम से रसद लेकर भद्रकाली थाना जा रहे थे.

यह रसद ट्रैक्टरों में लड़ी हुई थी. रसद ले जा रहे दल पर भोपालपटनम से 25 किलोमीटर दूर मेटला बेरू में माओवादियों नें दल पर घात लगाकर हमला कर दिया. ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है.

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