अनशन जारी, बातचीत की प्रक्रिया भी शुरू

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Image caption रविवार को लगभग 50 हज़ार लोग रामलीला मैदान पहुंचे

एक मज़बूत लोकपाल की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से दिल्ली के रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे अन्ना हज़ारे को मनाने के लिए आख़िरकार सरकार ने पहल की है.

संसदीय कार्य राज्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार शाम को कहा कि लोकपाल मुद्दे पर गतिरोध तोड़ने के लिए केंद्र ने विभिन्न स्तरों पर टीम अन्ना के साथ वार्ता प्रक्रिया शुरू की है.

रावत ने कहा, ''शुभचिंतकों के माध्यम से विभिन्न स्तरों पर पहले ही वार्ता प्रक्रिया शुरू हो गई है. यह वार्ता विभिन्न स्तरों पर है जो समानांतर नहीं बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं.''

उन्होंने कहा कि उनके मन में हज़ारे और उनकी टीम के प्रति अगाध सम्मान है और उन्हें शीघ्र ही समाधान निकलने की उम्मीद है.

उन्होंने हज़ारे से सरकार की संवैधानिक सीमा को समझने की अपील की.

रावत ने कहा कि लोकपाल विधेयक संसद की स्थाई समिति के समक्ष है और उसके पारित होने के लिए समयसीमा तय करना मुश्किल है.

उन्होंने आरटीआई विधेयक का उदाहरण देते हुए कहा कि समिति के समक्ष सुझाव रखे जा सकते हैं.

उन्होंने कहा, ''हम आरटीआई विधेयक की तर्ज़ पर लोकपाल विधेयक लाने के पक्ष में हैं. आरटीआई विधेयक में स्थाई समिति ने क़रीब 160 संशोधन किए थे.''

सुलह की कोशिश

इसी सिलसिले में रविवार को महाराष्ट्र के अतिरिक्त गृह सचिव उमेश सारंगी ने टीम अन्ना से बातचीत की और अन्ना को मनाने की कोशिश की.

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Image caption रविवार को अन्ना समर्थको ने इंडिया गेट से रामलीला मैदान तक रैली निकाली

सारंगी के अलावा अन्ना हज़ारे के क़रीबी माने जाने वाले महाराष्ट्र के आध्यात्मिक गुरु भय्यू जी महाराज ने भी रविवार को अन्ना हज़ारे से मुलाकात की.

अन्ना से मुलाक़ात के बाद भय्यू जी ने एक भारतीय निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा कि जल्द ही इस मसले का समाधान निकल जाएगा और अन्ना अनशन तोड़ देंगे.

अन्ना से मुलाक़ात के बाद सारंगी और भय्यू जी ने केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से मुलाक़ात की.

ख़बरों के मुताबिक़ सरकार ने लोकपाल मुद्दे पर गतिरोध तोड़ने की कोशिश के तहत अन्ना हज़ारे के पास एक प्रस्ताव भी भेजा लेकिन ‘टीम अन्ना’ ने इसे यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि इसमें नया कुछ भी नहीं है.

लेकिन रविवार देर शाम अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने साफ़ कर दिया कि अभी तक सुलह का कोई रास्ता नहीं निकला है.

जनसैलाब

इस बीच अन्ना के समर्थन में आने वालों लोगों की तादाद बढ़ती जा रही है.

रविवार को रामलीला मैदान में अन्ना हज़ारे के समर्थन में 50 हज़ार से भी ज़्यादा लोग जमा हो गए थे.

रविवार को ही दिल्ली के इंडिया गेट से रामलीला मैदान तक एक रैली निकाली गई जिसमें हज़ारों लोग शामिल थे. अन्ना के सहयोगी किरण बेदी और स्वामी अग्निवेश के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर भी इस रैली में शामिल हुए थे.

सिर्फ़ दिल्ली ही नहीं देश के कई इलाक़ों में अन्ना के समर्थन में लोग सड़कों पर उतर आए हैं.

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