भट्टा में कथित बलात्कार की जांच शुरू

भट्टा-परसौल इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption किसान और पुलिस की हिंसक झड़पों में दो पुलिसकर्मी सहित तीन लोग मारे गए थे.

नोएडा पुलिस ने पिछली सात मई को थाना दनकौर के ग्राम भट्टा में पुलिस और किसानों के बीच हिंसक झड़प के बाद महिलाओं के साथ कथित बलात्कार की घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश सरकार बलात्कार के आरोपों से इनकार करती रही है. लेकिन राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के निर्देश पर याह जांच की जा रही है.

नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ज्योति नारायण ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख गृह सचिव को भेजे एक पत्र में सूचित किया है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अनुसचिव एस एन मीना ने उन्हें भट्टा ग्राम में महिलाओं के साथ बलात्कार का मुक़दमा दर्ज कर कार्यवाही का निर्देश दिया है.

इस पत्र में बताया गया है कि भट्टा ग्राम की जाट जाति की सात महिलाओं ने शपथ पत्र देकर अपने साथ बलात्कार की जानकारी दी है.

शपथ पत्र के अनुसार सात मई की रात को जब गाँव के पुरुष पुलिस के डर से भाग गए थे तब पुलिस वाले आए.

उनके घरों की तलाशी ली गई और तोड़फोड़ की गई. महिलाओं के अनुसार इसके बाद पुलिस वालों ने उन्हें दबोच कर छेड़छाड़ और बलात्कार किया.

मगर नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपनी ओर से यह भी सूचित किया है कि घटना के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग के जांच दल आए थे , तब इन महिलाओं ने अपने साथ बलात्कार की शिकायत नही की थी.

फिर भी पुलिस अधीक्षक ने गृह सचिव को पत्र में सुचना दी है कि अनुसूचित जाति आयोग द्वारा भेजे गए पत्र और शपथ पत्रों को जांच एवं आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा जा रहा है.

इस जांच दल में नोएडा के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राकेश कुमार जुली एवं महिला पुलिस अधिकारी शामिल हैं.

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