'संभव है प्रधानमंत्री से गवाही लेना'

जस्टिस पी बी सावंत
Image caption जस्टिस पीबी सावंत साफ़गोई से अपनी बातें कहने के लिए मशहूर हैं

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस पी बी सावंत का कहना है कि प्रधामंत्री मनमोहन सिंह और 2-जी घोटाले के समय वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम को गवाह के तौर पर बुलाया जा सकता है.

राज्य सभा सदस्य और डीएमके प्रमुख एम करूणानिधि की बेटी कनिमोड़ी तथा पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री और लोक सभा सदस्य ए राजा के वकील ने मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में कहा था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम को वे गवाहों के रूप में बुलाना चाहेगें.

अदालत में तर्क

कनिमोड़ी और ए राजा के वकील सुनील कुमार ने अदालत से कहा कि 2-जी घोटाले की बात ही कहना ग़लत है, क्योंकि मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम और वर्तमान दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल कह चुके हैं कि सरकार को कोई नुक़सान नहीं हुआ है.

सुनील कुमार का कहना था कि अगर सरकार को कोई नुकसान नहीं हुआ है तो 2-जी नीलामी में घाटे की बात ग़लत है और उस हिसाब से कनिमोड़ी और राजा दोनों निर्दोष हैं.

उनका कहना था कि वो अपनी बात को साबित करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम को गवाह के तौर पर बुलाना चाहेगें.

कुदरती इंसाफ का सिद्धांत

भारत के सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत जस्टिस पीबी सावंत ने बीबीसी से एक खास बातचीत में कहा, "अगर मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम अभियुक्तों की तरफ से किसी बात को साबित करने के लिए आवश्यक गवाह है तो उनको बुलाना कुदरती इंसाफ के सिद्धांत के हिसाब से ज़रूरी है."

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Image caption तिहाड़ में बंद ए राजा भी कह चुके हैं कि 2 जी में जो हुआ सिंह और चिदंबरम की जानकारी में हुआ

सावंत ने कहा कि यूँ तो मनमोहन सिंह और चिदंबरम को अपनी सफाई में बुलाना आरोपियों का हक़ है लेकिन यह मुक़दमे की सुनवाई कर रहे जज को ही तय करना है कि क्या उन्हें बुलाया सकता है?

यह पूछने पर कि क्या अगर यह मुक़दमा उनकी अदालत में आता, तो वो प्रधानमंत्री और वर्तमान गृह मंत्री को तलब करते, तो उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता कि उनके सामने किस तरह के सबूत पेश किए गए हैं.

जस्टिस सावंत के बयान से ज़ाहिर होता है कि अन्ना हज़ारे के आंदोलन से जूझ रही सरकार अभी 2 जी घोटाले की भंवर से नहीं निकली है.

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